ऐ अहले अज़ा बैठे क्या हो, फ़र्ज़न्दे नबी का चेहलुम...
Sarfaraz/ Rizwan
Varanasi (dil India live). इस बार इमाम हसन और इमाम हुसैन समेत कर्बला के शहीदों का चेहल्लुम और देश की आजादी का जश्न जुमे को मुस्लिमों ने एक साथ मनाया। कुछ जुलूसों में अजादार तिरंगा झंडा साथ लेकर चल रहे थे और देश भक्ति का पैगाम पेश करते हुए चल रहे थे। इस मौके पर उल्फत कंपाउंड, अर्दली बाज़ार में मास्टर जहीर हुसैन के इमामबाड़े से बनारस में चेहलुम का मुख्य जुलूस जुमे की नमाज के बाद उठाया गया। जुलूस की अगुवाई अंजुमन इमामिया कर रही थी।
जुलूस से पहले मौलाना इकबाल हैदर ने मजलिस को खिताब करते हुए इमाम हुसैन और कर्बला के वाक़यात पर रौशनी डाली। मजलिस के बाद ऊंटों पर अमारी, अलम, ताबूत, दुलदुल, झूले का जुलूस निकला। जुलूस अपने कदीमी रास्ते उल्फत बीबी हाता, अर्दली बाज़ार, तार गली, डिठोरी महाल होते हुए पुन: जहीर हुसैन के इमाम बारगाह में मगरिब के वक्त सम्पन्न हुआ। इससे पहले जुलूस उल्फत बीबी कंपाउंड के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर एक तकरीर हुई जिसे मौलाना सैयद रज़ा हैदर मुजफ्फरपुर ने खेताब किया।
जुलूस के साथ साथ मेहमान अहले सुन्नत, अंजुमन गुलामाने मुस्तफा शकुराबाद चन्दौली के अलावा मेज़बान अंजुमन पंजतनी, अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन पैगामे हुसैनी, अंजुमन इमामिया नौहा मातम करते हुए चल रही थी। जुलूस के अन्त में संचालन के साथ साथ मौलाना बाकर बलियाबी ने जुलूस का परिचय (तार्रुफ) कराया। इस जुलूस कि परंपरा रही की जुलूस में सभी समुदाय के लोग मिलकर आए हुए मोमनीनो का स्वागत कर रहे थे जगह जगह स्टाल लगाकर राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों की खिदमत की जा रही थी। जुलूस सकुशल संपन्न होने के बाद मजलिस और दुआ ख्वानी हुई।
उधर वक़्फ मस्जिद व इमामबाड़ा मौलाना मीर इमाम अली व मेहंदी बेगम गोविंदपूरा छत्तातला से ताजिया व अलम का चेहलुम का जुलूस अपनी परंपराओं के अनुसार मुतवल्ली सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' के ज़ेरे एहतमाम उठाया गयाI जुलूस उठने के पूर्व ज़ुल्फेक़ार ज़ैदी ने मजलिस पढ़ते हुए कर्बला में इमाम हुसैन व उनके साथियों की शहादत का जिक्र किया तो मौजूद तमाम लोग जार-जार रो पड़े।
जुलूस उठने पर कब्बन, शुजात खान व साथियो ने सवारी पढी - "जब गोरे गरीबा से वतन में हरम आए"। जुलूस नया चौक, गुदड़ी बाजार होते हुए दालमंडी स्थित हकीम काजिम के इमामबाड़ा पहुँचा जहां से ज़ुल्जनाह शामिल हुए और अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहा व मातम शुरू कियाI अंजुमन हैदरी के नौहाख्वान लियाकत अली खान ने नौहा पढ़ा- ऐ अहले अज़ा बैठे क्या हो, फ़र्ज़न्दे नबी का चेहलुम है ।
जुलूस में शराफत अली, सहाब ज़ैदी, शोफी , राजा, शानू ने नौहाख्वानी की। जुलूस दालमंडी, खजूर वाली मस्जिद, नई सड़क, शेख सलीम फाटक, तुलसी कुआं, काली महल, पितरकुंडा होते हुए लल्लापुरा स्थित फ़ातमान पहुँच कर समाप्त हुआI
ऐसे ही शिवाला में डिप्टी जाफर बक्त के अजाखाने से चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में कई अंजुमने नौहाख्वानी व मातम करते हुए चल रही थी। जुलूस विभिन्न रास्तों से होकर शिवाला घाट जाकर सम्पन्न हुआ। जुलूस में सैय्यद नासिर हुसैन जैदी के लिखे नौहों को जब पढ़ा गया तो तमाम लोगों ने जोरदार मातम का नज़राना पेश किया। शिवाला से आज शाम भी एक जुलूस निकलेगा। जुलूस में सैयद फरमान हैदर तकरीर करेंगे। सैयद आलिम हुसैन रिजवी लोगों का स्वागत करेंगे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें