बुधवार, 20 अगस्त 2025

Duniya की अकीदत का मरकज़ बना UP Ka Bareilly, Urs-E-Razvi में उमड़ा जनसैलाब

आला हज़रत के उर्स में देश दुनिया से हुई जुटान

Mohd Rizwan 

Bareilly (dil India live). बरेली में तीन दिवसीय उर्स-ए-आला हज़रत में देश-विदेश से लाखों जायरीन उमड़े, जिससे देश दुनिया की अकीदत का बरेली मरकज़ बनने की दलील देता नज़र आया। बरेली की सड़कों पर अकीदतमंदो का जनसैलाब हर गली हर कूंचे में दिखाई दिया। हर तरफ भीड़ ही भीड़ और आला हज़रत की अकीदत नज़र आई।


107 वां उर्स, 2.38 बजे हुआ कुल शरीफ 

बरेली में आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का 107 वां उर्स बुधवार को अकीदत के माहौल में मुकम्मल हो गया। इसमें शिरकत करने के लिए देश-विदेश से लाखों जायरीन पहुंचे। बुधवार दोपहर 2:38 बजे कुल की रस्म अदा की गई। इसी के साथ तीन दिवसीय उर्स का आज समापन हो गया। इसके बाद जायरीन की वापसी का सिलसिला शुरू हुआ तो शहर में सड़कों पर जनसैलाब दिखा। पुलिस-प्रशासन ने एहतियात के तौर पर डायवर्जन लागू किया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने लोगों से अपील की है कि ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें। पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। 


शहर के सौदागरान स्थित दरगाह से लेकर उर्स स्थल इस्लामिया कॉलेज मैदान और आसपास का इलाका जायरीन से ठसाठस भरा रहा। इस बीच उर्स स्थल पर बने मंच पर कार्यक्रम चलते रहे। उर्स के कार्यक्रम दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी की सदारत में संपन्न हुए। निगरानी आसिफ मियां की रही। उर्स-ए-रजवी में दूर दराज से आए देश के जाने माने उलमा ने दीन और मसलक पर पैगाम दिया। वहीं सियासी और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा की। जैसे ही कुल की रस्म शुरू हुई और लाउड स्पीकर पर कुरान की आयतें गूंजने लगीं, जो जायरीन जहां था उसके कदम वहीं रुक गए। तेज धूप और गर्मी में पसीने से तरबतर लाखों लोगों ने दुआ में हाथ उठाए। 


बरेली में उमड़ा जायरीन का सैलाब

कुल की रस्म के बाद बाहर से आए जायरीन और स्थानीय लोगों की वापसी से शहर की सड़कों पर भीड़ नजर आई। लगभग सभी प्रमुख सड़कों पर दूर दूर तक सिर्फ जायरीन नजर आए। यह स्थिति लगभग घंटों तक बनी रही।



कोई टिप्पणी नहीं: