सोमवार, 25 अगस्त 2025

UP K Varanasi धर्मप्रान्त Main मनाया गया Bishop's Day

वाराणसी धर्मप्रांत के तीसरे धर्माध्यक्ष बने थे बिशप यूजीन 

Varanasi (dil India live)। 30 मई 2015 को विश्व मसीह समुदाय के बीच रोम से पूर्व पोप फ्रांसिस ने बनारस के बिशप के रूप में फादर यूजीन के नाम का ऐलान किया था। उनके ऐलान के बाद वो फादर यूजीन से बिशप यूजीन बन गये और 24 अगस्त को वो वाराणसी धर्मप्रांत के तीसरे धर्माध्यक्ष के रूप में इस पद पर आसिन हुए थे। उनके विशप बनाये जाने की वर्षगांठ पर बधाई देने वालों का बिशप हाउस में तांता लगा हुआ था। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शांति के लिए काम करे और बेसहारों की मदद करें, यही प्रभु यीशु का दुनिया के लिए पैग़ाम था, अगर हम यीशु के पदचिन्हों पर चलें तो दुनिया में शांति फैल सकती है।

 धर्मप्रांत के तीसरे बिशप की वर्षगांठ 

गौरतलब हो कि 31 जुलाई 1958 को नागरकोल तमिलनाडु में जन्में बिशप यूजीन जोसफ की शुरुआती शिक्षा करमेल स्कूल नागरकोल से हुई। स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने सेंट तेरेसा माझ्नर सेमिनरी, अजमेर में अध्ययन किया और फिर सेंट चार्ल्स सेमिनरी नागपुर और 10 अप्रैल 1985 को वाराणसी सूबे के पुजारी के रुप में उनकी नियुक्ति की गयी। वाराणसी प्रांत के एक पुजारी के रूप में उन्हें सेंट थामस पैरिश, शाहगंज और सेंट थामस इंटर कालेज में सहायक पल्ली पुरोहित का जिम्मा मिला। सेंट जांस इंटर कालेज के प्रधानाचार्य, लुर्डेस पैरिश गाजीपुर के डीन का पद और पुरोहित वने। ऐसे ही विभिन्न पदों पर रहने के वाद दिसंबर 2013 को विशप राफी मंजली के इलाहावाद तवादला होने पर दिसंबर 2013 में वो बनारस धर्मप्रांत के प्रशासक चुने गये। तब से 30 मई 2015 को उन्हें बिशप बनाये जाने का ऐलान हुआ और 24 अगस्त को फादर यूज़ीन बिशप बनाये गये।

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