गुरुवार, 28 अगस्त 2025

UP K Varanasi Main नन्हीं उम्र में हुसैन ने किया बड़ा काम

महज़ पाँच माह में हुसैन अहमद बनें हाफ़िज़-ए-कुरान

कुरान कंठस्थ करने पर हो रहा सम्मान 


सरफराज अहमद 
Varanasi (dil India live)। मदरसा तालीमुद्दीन पुराना पुल बनारस के एक (13 वर्षीय) होनहार छात्र हुसैन अहमद पुत्र स्वर्गीय इश्तियाक़ अहमद, निवासी मोमिनपुरा पुराना पुल ने केवल पाँच महीने की अवधि में आज कुरआन कंठस्थ (हिफ़्ज़-ए-कुरान) मुकम्मल की है।
इस मौके पर मदरसे के अराकीन और उस्तादों ने, ख़ास तौर पर मदरसा के प्रधानाचार्य मौलाना रिज़वानुल्लाह नोमानी एवं मौलाना हबीबुर्रहमान ने बेहद ख़ुशी और मुसर्रत का इज़हार किया और बच्चे को दिल से मुबारकबाद दी। जो भी इस खबर को सुन रहा वो नन्हें हाफिज को ढेरों दुआएँ दे रहा है। मदरसे के सदर जनाब मोहम्मद शकील ने मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि अल्लाह तआला इसे उम्र भर कुरान को याद रखने, कुरान का इल्म हासिल करने, उस पर अमल करने और दीन की दावत देने की तौफ़ीक़ अता करे। ज़ाहिरी व बातिनी फितनों से महफ़ूज़ रखे। 

मदरसे के नाज़िम मौलाना अरशद महमूद ने भी बहुत ख़ुशी का इज़हार किया और इस होनहार बच्चे को दुआओं और मुबारकबाद से नवाज़ा। 

सुल्तान क्लब 

सामाजिक संस्था "सुलतान क्लब " के अध्यक्ष डॉक्टर एहतेशामुल हक़ ने नेक तमन्नाओं के साथ इस बच्चे के लिए दुआएँ कीं। कहां की अल्लाह पाक ता-हयात इस बच्चे की निगहबानी फरमाए, कुरान की हिफ़ाज़त के लिए निरंतर जिद्दोजहद की तौफ़ीक़ दे। उस पर अमल की तौफ़ीक़ अता करे, इसे माता-पिता के लिए सदक़ा-ए-जारीया बनाए और आख़िरत में उन्हें ताज से सरफ़राज़ करे। आमीन। बहरहाल नन्हें हाफिज की चर्चा बनारस और आसपास जोरों पर है। जिसे पता चला वो उससे मुसाफा (हाथ मिलाने) निकल पड़ा।

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