"या हुसैन" की सदाओं पर अज़ादारों ने किया ज़ंजीर का मातम
dil india live (Varanasi). मोहर्रम की दो तारीख को भी शिया अजाखानो में मजलिसों और मातम का जहां दौर अपने शबाब पर रहा वहीं दूसरी ओर सुन्नी मस्जिदों में जिक्रे शहीदाने कर्बला का आयोजन देर रात तक चलता रहा। पठानी टोला, कोयला बाजार, बडी बाजार, अर्दली बाजार, नई सडक, लल्लापुरा, शिवाला, गौरीगंज, बजरडीहा, नवाबगंज, रेवडीतालाब, मदनपुरा आदि इलाकों की मस्जिदों में उलेमा ने कर्बला का जिक्र किया। उधर मुहर्रम के दूसरे दिन गुरुवार को बेनियाबाग स्थित भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के आवास पर मजलिस हुई। इस दौरान नौहा खानी व मातम करने लोगों का हुजूम उमड़ा। मुर्तुजा शमशी ने मजलिस को खिताब किया।
उधर 18 जून यानी 2 मोहर्रम को शहर के शिवपुर में मरहूम एखलाक हुसैन उर्फ लल्लू के इमामबाड़े से 'जुलूस-ए-ज़ुल्जनाह व अलम' पूरी अकीदत और एहतेराम के साथ निकाला गया। जुलूस के उठने से पहले आयोजित मजलिस में तफसीर हुसैन व शमशेर अली ने बेहद पुरदर्द सोज़ख़्वानी पेश की। इसके बाद मौलाना फ़िरोज़ अली ने मजलिस को ख़िताब (तक़रीर) करते हुए कर्बला के शहीदों की क़ुर्बानी पर रौशनी डाली। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का संदेश पूरी इंसानियत के लिए था और यही वजह है कि हमारे मुल्क हिंदुस्तान में उनका ग़म इतनी शिद्दत के साथ मनाया जाता है।
जुलूस में अज़ादारों ने "या हुसैन" की सदाओं के साथ ज़ंजीर और सीनाज़नी का मातम किया। रास्ते में गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली, जहां हिंदू भाइयों ने भी जुलूस का स्वागत किया, दुलदुल की ज़ियारत कर मन्नतें मांगीं और अज़ादारों को ठंडा पानी व दूध तकसीम किया।
जुलूस के दौरान मौलाना मोहम्मद करबलाई, मौलाना ताहिर आब्दी (गाज़ीपुर), मौलाना अज़ादार हुसैन और मौलाना कासिम अब्बास ने भी तकरीरें कीं।
इन अंजुमनों ने किया नौहाख्वानी व मातम
जुलूस में शहर की कई प्रतिष्ठित मातमी अंजुमनों ने नौहाख़्वानी और मातम किया, जिनमें मुख्य रूप से अंजुमन पंजतनी (शिवपुर, वाराणसी), अंजुमन हैदरी (चौक, बनारस), अंजुमन जव्वादिया (बनारस), अंजुमन गुलज़ारे अब्बासिया (शिवाला, बनारस), अंजुमन सज्जादिया (पठानी टोला, बनारस), अंजुमन इमामिया (अर्दली बाज़ार) शामिल थी। जुलूस की निज़ामत हसन वास्ती (फ़ैज़ाबाद) ने अंजाम दिए। वहीं पेशख़्वानी सकलैन बनारसी ने की। इस मौके पर मरहूम एखलाक हुसैन उर्फ लल्लू के परिजन अली हसन, मेहंदी हसन, शमशेर अली, अनीस अली आदि और इंतेज़ामिया कमेटी के सदस्यों की देखरेख में देर रात जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
3 मोहर्रम को तीन प्रमुख जुलूस
हज़रत अली समिति के सदस्य सलमान हैदर ने बताया कि 19 जून (3 मोहर्रम) को शहर में तीन प्रमुख पारंपरिक जुलूस उठाए जाएंगे। पहला जुलूस औसानगंज में नवाब की ड्योढ़ी से मेंहदी बख़्त के संयोजन में सायं 5 बजे अलम व दुलदुल का कदीमी जुलूस उठेगा, जिसके साथ अंजुमन जव्वादिया नौहा-मातम करेगी तो दूसरा जुलूस शिवाला स्थित आलिम हुसैन रिज़वी के निवास से रात 9 बजे उठाया जाएगा, जो हरिश्चंद्र घाट के पास कुम्हार के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। ऐसे ही तीसरा जुलूस रामनगर में वारी गढ़ी स्थित सगीर अहमद के निवास से रात 8 बजे अलम का जुलूस निकलेगा।




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