बुधवार, 17 जून 2026

1 Muharram : लाट सरैया के कदीमी इमामबाड़े में उठा पहला जुलूस

आज तक हम कर्बला की दास्तां भूले नही...

इमाम हुसैन की शहादत सुन रो पड़े अजादार, अंजुमनों ने दर्द भरे नौहों पर किया मातम




dil india live (Varanasi). "आज तक हम कर्बला की दास्तान भूले नहीं, ये ज़मीन भूले नहीं आसमान भूले नही"... Muharram की पहली तारीख को सदर इमामबाड़े में जब नौहाख्वानों ने यह दर्द भरे नौहों को फिज़ा में बुलंद किया तो तमाम लोगों ने ज़ोरदार मातम का नज़राना पेश किया। इस दौरान मोहर्रम का पहला जुलूस सज्जाद अली की अगुवाई व सलमान हैदर के संयोजन में निकाला गया। 

यहां जुलूस के उठने से पहले मजलिस को मौलाना राहिब अली ने खिताब किया, जबकि सज्जाद हुसैन और फ़ैयाज़ हुसैन ने कलाम पेश किए। जुलूस में कई अंजुमनों अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन अबिदिया और अंजुमन हाशिमिया ने नौहाख्वानी व मातम किया।


इनकी रही खास मौजूदगी 

शामिल रिज़वी, जफर इमाम, सरताज अली, रेहान अली, अलमदार हुसैन और जावेद हुसैन आदि पिछले 20 सालों से उठ रहे इस जुलूस में मौजूद थे।

शहर भर में हुई मजलिसें 
अर्दली बाज़ार, बड़ागांव, रामनगर, फातमान, पितरकुण्ड, दालमंडी, भेलुपुरा, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, लोहता, शिवपुर, दोषीपुरा, पठानी टोला, कच्ची बाग़ और चौहट्टा आदि क्षेत्रों में इमामबाड़ों से दर्द भरे नौहों पर जमकर अज़ादारी हुई। सुबह फातमान में मौलाना जफ़र रज़ा ने मजलिस को खिताब कर कर्बला के मसाएब बयां किया तो वहीं हकीम मोहम्मद काज़िम के अज़ाखाने पर वसी मोहम्मद पाशा ने मजलिस को खिताब किया।

शिवपुर से उठेगा कल जुलूस 
सलमान हैदर ने बताया कि वाराणसी की 29 अंजुमने मोहर्रम पर पूरे जोश-ओ-खरोश से अज़ादारी करती हैं। कल 18 जून को (2 मोहर्रम) शिवपुर में अंजुमन पंजतनी ज़ुल्जनाह का जुलूस हर साल की तरह उठाएगी।

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