विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को झांसा देकर पहुंच गई बीएचयू
पुलिस से नोंक-झोंक के बाद समर्थकों संग हुई गिरफ्तार
dil india live (Varanasi). अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष पल्लवी पटेल को समर्थकों संग वाराणसी पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पल्लवी पटेल सोमवार को नीट पेपर लीक समेत अन्य मुद्दों को लेकर बीएचयू गेट पर प्रदर्शन कर रही थीं। इससे पहले नीट पेपर लीक मुद्दे पर पल्लवी पटेल पुलिस को झांसा देकर जौनपुर से विभिन्न ग्रामीण रास्तों से होते हुए बनारस के बीएचयू गेट पहुंच गई जहां पुलिस ने नोंक-झोंक के बाद समर्थकों संग उन्हें गिरफ्तार कर बड़ागांव थाने भेज दिया।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि बिना परमिशन प्रदर्शन की कोशिश में उन्हें गिरफ्तार किया गया है। वो पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय तक मार्च करने वाली थीं। लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी क्योंकि पहले से अनुमति नहीं ली गई थी। इसका हवाला देते हुए सभी को पुलिस वैन से गिरफ्तार कर बड़ागांव पहुंचा दिया। नीट पेपर लीक का विरोध कर रहीं डॉ. पल्लवी पटेल और उनके 24 समर्थकों को पुलिस वैन से शहर से बाहर बड़ागांव थाना ले गई। |
| बड़ागांव थाने के बाहर जुटे पल्लवी समर्थक |
सीबीआई जांच कराने की मांग
पल्लवी पटेल ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा, पेपर लीक व धांधली में लिप्त लोगों का नाम सार्वजनिक हो। NTA और अन्य परीक्षा नियंत्रक अधिकारियों पर रासुका लगाकर जेल भेजा जाए। इस मौके पर पल्लवी पटेल ने उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों के मद्देनजर फिर से परीक्षा कराने, यूपीएसआई पारदर्शी परीक्षा की गारंटी के लिए स्कोरकार्ड तत्काल जारी करने की भी मांग की।
युवा वर्ग इस सरकार से नाराज
हिरासत में लिए जाने से पहले पल्लवी पटेल ने कहा- मोदी, योगी की डबल इंजन की सरकार से युवा वर्ग नाराज है। यह सरकार पाकिस्तान, कब्रिस्तान और मुसलमान की राजनीति से बाहर निकले। शिक्षा, रोजगार व लोकतंत्र को मजबूत करने वाली राजनीति की ओर बढ़े। युवाओं की बेरोजगारी, रोजगार के नाम पर अवसरों की लूट और शिक्षा व परीक्षा की धांधली अब यूथ को क्रांति की ओर उद्वेलित कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बीएचयू के लंका गेट से 2 किलोमीटर दूर गुरुधाम कालोनी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक मार्च निकालने की तैयारी की थी। प्रशासन ने प्रस्तावित मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रदर्शन से पहले कई संगठनों के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया गया था।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी।
जौनपुर टोल प्लाजा पर कार रोकी, पल्लवी पगडंडी से निकलीं
प्रदर्शन में पल्लवी पटेल के वाराणसी आने की सूचना पर जिले के बाॅर्डर और टोल प्लाजा पर संबंधित जिलों की पुलिस तैनात रही। रविवार की रात करीब नौ बजे जौनपुर में प्लाजा पर पल्लवी काफिले के साथ पहुंचीं तो पुलिस ने घेराबंदी कर रोकने की कोशिश की।
इस बीच वह कार से दो कार्यकर्ताओं के साथ उतरकर खेत की ओर निकल गईं। मोबाइल फोन बंद कर करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद मुख्य मार्ग पर आईं। एक सवारी भरी ऑटो में वह बैठकर वाराणसी सीमा में प्रवेश कर गईं।
मोबाइल फोन ऑन कर अपना लोकेशन पार्टी पदाधिकारियों को भेजा, पार्टी पदाधिकारी उनको लेने पहुंचे। उनको लेकर बाबतपुर स्थित एक कार्यकर्ता के घर पहुंचीं और रात में रुकी रहीं। सोमवार की सुबह 11 बजे बीएचयू गेट पर धरना में शामिल होने पहुंचीं।अपना दल कमेरावादी की विधायक डॉ. पल्लवी पटेल समेत सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ट्रकों और बसों में भर लिया। पहले बताया गया था कि सभी को पुलिस लाइन ले जाया जाएगा, लेकिन बाद में प्लान बदल गया। पुलिस लाइन की जगह उन सभी को शहर से बाहर ले जाया जा रहा है।
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