गेल द्वारा संचालित सीएनजी स्टेशनों की बनारस में संख्या पहुंची 46
dil india live (Varanasi). वाराणसी में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) ने स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देते हुए अपने 46वें सीएनजी (सीएनजी) स्टेशन का शुभारंभ किया। यह नया सीएनजी स्टेशन आशापुर क्षेत्र में स्थापित किया गया है, जिससे आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को किफायती एवं सुलभ ईंधन की सुविधा मिलेगी। इस सीएनजी स्टेशन का उद्घाटन गेल के कार्यकारी निदेशक (सीजीडी) आशु शिंगल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, गेल शहर में स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है और प्रतिदिन नए घरेलू कनेक्शनों (डीपीएनजी) की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पीएनजी को अपनाएं, ताकि एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक हो सके और वहां के लोगों को इसका लाभ मिल सके।
उद्घाटन समारोह में गेल के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें सुशील कुमार (महाप्रबंधक) प्रवीण सिंह, मुख्य प्रबंधक (स्टील) चंदन कुमार, आनंद मोहन, देबाशीष साहू,जे आकाश, सुमित सागर, विकास कुमार शामिल रहे। इसके साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
यह उपलब्धि वाराणसी सीजीडी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि अब गेल शहर में कुल 46 सीएनजी स्टेशनों का संचालन कर रहा है। इससे नागरिकों को स्वच्छ ईंधन की आसान उपलब्धता सुनिश्चित होगी और शहर के विभिन्न हिस्सों में सीएनजी नेटवर्क और मजबूत होगा। सीएनजी एक स्वच्छ, सुरक्षित एवं किफायती ईंधन है, जो पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है। इसके उपयोग से वाहनों की कार्यक्षमता बढ़ती है, रखरखाव लागत कम होती है तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। गेल वाराणसी लगातार सीएनजी एवं पीएनजी नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। कंपनी आधुनिक तकनीक, उच्च सुरक्षा मानकों तथा विश्वसनीय आपूर्ति के माध्यम से शहरवासियों को बेहतर ऊर्जा समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही गेल स्थानीय स्तर पर अधोसंरचना विकास एवं रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
गेल का यह प्रयास वाराणसी को स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



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