बुधवार, 16 अप्रैल 2025

'Maundy Thursday' 2025: प्रभु यीशु के अंतिम भोज्य का दिन

‘माउंडी थर्सडे’ को निभाई जायेगी परम्परा

बिशप धोएंगे कल 12 शिष्यों के पैर 

Varanasi (dil India live)। इन दिनों मसीही समुदाय ईसा मसीह के अंतिम दिनों के कठिन समय की याद में दुःख भोग सप्ताह मना रहा। गुरुवार को चर्चेज में ‘माउंडी थर्सडे’ मनाया जाएगा। चर्चेज़ और गिरजाघरों में विशेष आयोजन होगा। इस दौरान प्रभु भोज्य का जहां लोगों में प्रसाद बांटा जाएगा वहीं दूसरी ओर बिशप अपने शिष्यों का चरण खुद धोएंगे।

दरअसल प्रभु यीशु रोमी सैनिकों द्वारा अपनी गिरफ्तारी की पूर्व रात्रि को अपने 12 शिष्यों के साथ अंतिम बार भोजन करने बैठे थे। इस दौरान यीशु ने एक रोटी के टुकड़े को उठाया और कहा ये मेरा शरीर है, इसके बाद रोटी को तोड़ा और अपने उन 12 शिष्यों में उसे बांट दिया। वहां पर उन्होंने नम्रता एवं दीनता के साथ लोगों की सेवा करने का संदेश दिया और अपने शिष्यों के पैरों को धोया। इसी रात्रि को कुछ समय के उपरान्त यीशु मसीह के ही चेलों में से एक यहूदा इस्करियोती ने यीशु मसीह को रोमी सैनिकों द्वारा पकड़वाया। यीशु मसीह को रोमी प्रशासन तंत्र एवं उस समय के धर्म गुरुओं ने क्रूस पर चढ़ाने का निर्णय लिया। ये सारी प्रक्रिया सेंट मेरीज़ महागिरजा में गुरुवार को पवित्र वृहस्पतिवार के रुप में मनायी जाएगी। जिसमें बिशप अपने शिष्यों का पैर धोएंगे है और प्रभु भोज्य का प्रसाद बांटेंगे।

फ्राइडे को यीशु चढ़ाये गए क्रूस पर

ये ही वो दिन है जिस दिन प्रभु यीशु मसीह को गोल्गथा नामक पहाड़ पर जो की कलवारी नमक स्थान पर स्थित है क्रुस पर चद़ाया गया। इस घटना से पूर्व प्रभु यीशु मसीह को रोमी सैनिकों एवं धर्मगुरुओं के अत्यंत वेदनाओं एवं दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा और अंत में क्रूस पर प्रभु यीशु मसीह ने अपने प्राण त्याग दिए।

क्रूस पर दिए प्रभु यीशु ने सात वचन

अपने अंतिम समय में क्रूस पर से यीशु ने सात दिव्य वचन कहे जिनको गुड फ्राईडे के दिन प्रार्थना सभाओं में स्मरण किया जाता है। यीशु मसीह के मानने वाले इन वचनों को आत्मसाध कर जीवन मैं अपनाने का संकल्प लेते हैं। मसीहियों का ये विश्वास है कि इस दिन को शुभ शुक्रवार इसलिए कहा जाता है क्यूंकि इस दिन प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाती को उनके पापों से बचाने के लिए अपने प्राण दिए और सभी को उद्धार का अवसर प्रदान किया।

संडे को पुनः जी उठे प्रभु यीशु

तेलियाबाग चर्च के पादरी आदित्य कुमार कि माने तो मसीहियों के विश्वास के अनुसार ईस्टर वो दिन है जिस दिन प्रभु यीशु मसीह मृत होने के बावजूद जी उठे थे। यह दिन हर्ष एवं उल्लास का दिन है। इस दिन सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का  आयोजन किया जाता है। कई जगहो पर इस दिन प्रभात फेरी भी निकाली जाती है और समस्त लोगों को पभु यीशु के जी उठने का संदेश दिया जाता है। चर्च में ईस्टर एंड और ईस्टर बन का प्रसाद बांटा जाता है।

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