बैठक में हुआ तय, सौ वाहन को ही पास, स्टाल लगाकर बांटे तबर्रुक न बजाएं डीजे
dil india live (Varanasi). ACP Bhelupur गौरव कुमार की अध्यक्षता में 1501 वां जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी सकुशल संपन्न कराने के लिए जुलूस के आयोजक और विभिन्न मुहल्लों के प्रतिष्ठित लोगों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने कहा कि जुलूस पैग़म्बरे इस्लाम का है इसकी खूबसूरती और पाकीज़गी बनाएं रखें कोई ऐसा काम न करें जिससे माहौल खराब हो। तय रुप से अमन और मिल्लत के साथ हर साल की तरह जुलूस निकालें।
एसीपी ने यह भी कहा कि खाने पीने का सामान स्टाल लगाकर ही बांटे कोई वाहनों से नहीं बांटा जाएगा। डीजे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा लाउड स्पीकर का ही प्रयोग करें जिले के बाहर के वाहन जुलूस में शामिल न किए जाएं। इस दौरान एसीपी गौरव कुमार ने आयोजक मौलाना हसीन अहमद हबीबी से पूछा कि जुलूस में आगे कौन रहेगा? मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने कहा कि जिसे भी आगे आना हो वह आ सकता है मगर सुबह 6.30 बजे मेरा जुलूस उठेगा उससे पहले उसे आना होगा हम सबसे पीछे भी रहने को तैयार हैं मगर जुलूस उठने के बाद किसी को जुलूस ओवर टेक करने नहीं दिया जाएगा वो जुलूस के पीछे ही रहेगा। हमारे पांच सौ वालेंटियर जुलूस में अपने ड्रेस में होंगे वो किसी को भी न ओवर टेक करने न माहौल खराब करने देंगे। इस मौके तय हुआ कि जुलूसे मोहम्मदी में सौ गाड़ी ही शामिल होंगी वो भी जिसके पास आयोजक द्वारा जारी पास होगा।
बैठक में जोन के सभी थाना प्रभारी, सभी चौकी प्रभारी और संभ्रांत लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कल निकलेगा जुलूसे मोहम्मदी
हज़रत मुहम्मद रसूल अल्लाह (से.) की पैदाइश के मुबारक मौके पर शहर में अज़ीमुश्शान जुलूसे मोहम्मदी का आयोजन किया गया है। यह जुलूस 12 रबीउल-अव्वल, 26 अगस्त 2026, बुधवार, सुबह 06:30 बजे नगीना वाली मस्जिद के पास अज़हरी मैदान, रेवड़ी तालाब से उठेगा। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से गुजरता हुआ बेनिया बाग (फुटबॉल ग्राउंड) के मैदान में पहुंच कर उलमा-ए-किराम के पाकीज़ा बयानात और दुआओं पर इख़्तेताम पज़ीर होगा। वहीं शहर काजी मौलाना जमील अहमद रज़वी की क़यादत वाला जुलूस रेवड़ी तालाब मैदान में पहुंच कर समाप्त होगा।
बेनियाबाग में होगी इनकी तकरीर
इस जश्न में खुसूसी तौर पर तशरीफ़ ला रहे हैं - खलीफा-ए-शहज़ादा-ए-गौसुल आज़म, खतीबे यूरोप व एशिया हज़रत अल्लामा सैयद कौसर रब्बानी साहब किबला (मुम्बई) और शहज़ादा-ए-आला हज़रत हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद इमरान रज़ा खां कादरी बरेलवी (बरेली शरीफ)। सदारत मुफ्ती अब्दुल हादी खां हबीबी और मौलाना हसीन अहमद हबीबी की तकरीर होगी।इस साल की खास बातें
इस जश्न में खुसूसी तौर पर तशरीफ़ ला रहे हैं - खलीफा-ए-शहज़ादा-ए-गौसुल आज़म, खतीबे यूरोप व एशिया हज़रत अल्लामा सैयद कौसर रब्बानी साहब किबला (मुम्बई) और शहज़ादा-ए-आला हज़रत हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद इमरान रज़ा खां कादरी बरेलवी (बरेली शरीफ)।





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