कमला पाण्डेय की पुस्तक ‘देशस्य आक्रांतरू’ का हुआ लोकार्पण
ब्रिटिश सरकार द्वारा जब्त की गई सोज़ ए वतन का है संस्कृत अनुवाद
dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय के तत्वावधान में Hindi विभाग द्वारा प्रेमचंद की रचनाओं के रुपांतरण की तकनीक एवं पाठ और पुस्तक लोकार्पण का आयोजन किया गया। विशिष्ट अतिथि प्रेमचंद पथ पत्रिका के संपादक राजीव गौड़ ने प्रेमचंद की कहानियों और उसके अनुवाद पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. कमला पाण्डेय की पुस्तक ‘देशस्य आक्रांतरू’ पुस्तक का लोकार्पण हुआ। यह पुस्तक ब्रिटिश सरकार द्वारा जब्त की गई प्रेमचंद के सोज़ ए वतन कहानी का संस्कृत अनुवाद है।
‘उत्तरशती के विमर्श, धर्म, समाज, मूल्यबोध’ का लोकार्पण
हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो.आशा यादव द्वारा संपादित पुस्तक ‘उत्तरशती के विमर्श, धर्म, समाज, मूल्यबोध’ का लोकार्पण भी अतिथियों द्वारा किया गया। यह पुस्तक उत्तर आधुनिक दौर के स्त्री विमर्श, दलित विमर्श जैसे विषयों को स्वयं में समाहित करती। प्रेमचंद की कहानियों के रूपांतरण की तकनीक और उसी क्रम में जुर्माना कहानी के नाट्य रूपान्तर का भावपूर्ण पाठ डॉ. अनुराधा बनर्जी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
विद्वानों ने प्रेमचंद की कहानियों में हाशिए के समाज के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कथा सम्राट के रचना संसार पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अतिथियों क स्वागत के साथ प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने प्रेमचंद की कहानियों के पाठ के प्रति छात्राओं को प्रेरित किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आशा यादव तथा संचालन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा द्वारा किया गया।








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