शुक्रवार, 19 सितंबर 2025

UP : Varanasi K Rajesh Kumar Gupta का Lucknow में मुख्यमंत्री ने किया सम्मान

बनारस में राजेश रक्तदान के चलते 'सेंचुरियन गुप्ता' के नाम से हैं विख्यात 

Varanasi (dil India live). काशी रक्तदान नेत्रदान कुटुम्ब समिति वाराणसी के संस्थापक सचिव एवं रोटरी क्लब ब्लड डोनर्स वाराणसी के संस्थापक अध्यक्ष रोटेरियन राजेश कुमार गुप्ता सेंचुरियन को उत्तर प्रदेश रक्त संचरण परिषद द्वारा लखनऊ में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशस्ति पत्र और अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया। 

108 बार कुल रक्त, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा दान करने वाले राजेश गुप्ता का कहना है कि यह उपलब्धि एक दिन में नहीं मिली है। यह मुकाम सच्ची सेवा और मानव कल्याण करने के कारण मिला है। इनकी संस्था वाराणसी में छः रक्त केंद्र को गोद ली हुई है। जिसमें होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर हॉस्पिटल, सर सुंदर लाल IMS BHU, BHU ट्रामा, श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल तथा पंडित दिन दयाल जिला अस्पताल शामिल हैं।

क्या-क्या है राजेश की खासियत 

108 बार कुल रक्त, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा दान करने वाले रोटरी क्लब से जुड़े राजेश गुप्ता का कहना है कि यह उपलब्धि एक दिन में नहीं मिली है। यह मुकाम सच्ची सेवा और मानव कल्याण करने के कारण मिला है। इनकी संस्था वाराणसी में छः रक्त केंद्र को गोद ली हुई है। जिसमें होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर हॉस्पिटल, सर सुंदर लाल IMS BHU, BHU ट्रामा, श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल तथा पंडित दिन दयाल जिला अस्पताल शामिल हैं।

कोविड काल में पूर्वांचल के प्रथम और अधिकतम प्लाज्मा दान करने वाले पहले व्यक्ति है। सर्वाधिक 4 बार कोविड काल में प्लाज्मा दान करने का रिकॉर्ड भी इनके नाम से दर्ज है। यूनिसेफ उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इनको सम्मानित किया है। 41 बार ब्लड और 63 बार प्लेटलेट्स के साथ ही ड्यूअल डोनेशन करने वाले पहले रोटेरियन है। इनके इस महान कार्यों को देखते हुए ही रोटरी इंटरनेशनल मंडल 3120 में 5 वी बार दायित्व सौंपा गया है। सिर्फ रक्तदान करते ही नहीं है ये रक्तदान मुहिम को भी आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। इस सम्मान के लिए सबसे पहले अपने दिवंगत पिता का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने इस मार्ग पर चलना सिखाया। आज भी उनकी माता और पत्नी अन्नपूर्णा को डर सताता रहता है कि इतना ब्लड देते, मगर अपना ध्यान उतना नहीं रखते हैं। पत्नी और मां हिदायत देती है कि अपना ध्यान रखा किजिए। 

इस उपलब्धि की जानकारी मिलने पर सोशल मीडिया पर और व्यक्तिगत रूप से तमाम लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। इसमें केशव जलान, निधिदेव अग्रवाल, प्रदीप इसरानी, नीरज पारिख, अमित गुजराती, नमित पारिख, धीरज मल्ल, प्रशांत गुप्ता, आशीष केसरी, अभिनव टकसाली, अभ्रज्योत राय, विभोर मोगा, डॉक्टर आशुतोष अग्रवाल, अमर अग्रवाल, प्रशांत नागर, डॉक्टर आशीष गुप्ता एवं अन्य मित्रों ने बधाईयां दी हैं।

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