मंगलवार, 30 सितंबर 2025

Tourism: "Varanasi की महिलाएँ पर्यटकों के लिए बनाएंगी हर्बल कॉस्मेटिक्स और परफ्यूमरी"

पर्यटन से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं और युवा"

"महिलाओं की आजीविका बढ़ाने को साईं इंस्टिट्यूट की पहल"


Varanasi (dil India live). Kashi आज विश्वभर में अपनी सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक पर्यटन और परंपरागत हस्तकला के लिए जानी जाती है।, अब Kashi ग्रामीण महिलाओं और युवाओं की आत्मनिर्भरता का केंद्र भी बनने जा रही है। साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, वाराणसी की ओर से जरूरतमंद, स्टार्टअप लगाने के इच्छुक तथा SC/ST वर्ग की महिलाओं और युवाओं को पर्यटन से सीधे जोड़ने और उनकी आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

संस्थान के निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, जिनकी बढ़ती मांग केवल धार्मिक या सांस्कृतिक उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर्बल कॉस्मेटिक्स, परफ्यूमरी और प्राकृतिक वेलनेस उत्पादों की ओर भी बढ़ रही है। यही मांग ग्रामीण और शहरी सीमा की महिलाओं के लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त कर सकती है।


45 दिवसीय नि:शुल्क उद्यमिता 

साईं इंस्टीट्यूट 6 नवम्बर 2025 से 20 दिसम्बर 2025 तक 45 दिवसीय नि:शुल्क उद्यमिता कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को—
फूलों और प्राकृतिक पदार्थों से हर्बल कॉस्मेटिक्स व परफ्यूमरी बनाने की तकनीक
आयुर्वेदिक व स्थानीय जड़ी-बूटियों का उपयोग
पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के उद्यमिता कौशल
पर्यटकों की मांग के अनुरूप गिफ्ट हैंपर, सॉवेनियर और वेलनेस उत्पादों की तैयारी की जानकारी व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।


युवाओं, महिलाओं को सक्षम बनाना लक्ष्य 

इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को न केवल रोज़गार योग्य कौशल प्रदान करना है, बल्कि उन्हें स्वयं का उद्यम (स्टार्टअप) स्थापित करने में सक्षम बनाना भी है। प्रशिक्षित प्रतिभागियों को पर्यटकों और स्थानीय बाजारों की जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार कर स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया जाएगा।

निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि "यह पहल जरूरतमंद और विशेषकर SC/ST वर्ग की महिलाओं व युवाओं को पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ने का एक सुनियोजित प्रयास है। नि:शुल्क प्रशिक्षण के माध्यम से वे अपने स्टार्टअप शुरू कर सकेंगी, आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज के लिए प्रेरणास्रोत साबित होंगी।"

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