गुरुवार, 24 जुलाई 2025

UP K Barabanki Main Haji waris Ali Shah के उर्स में गूंजा सूफियाना कलाम

फिज़ा में शहद सी मिठास घोल रहे सुफियाना कलाम

उर्स के दूसरे रोज़ उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम

 

  • Mohd Rizwan 

Barabanki (dil India live). बाराबंकी में सूफी संत हज़रत वारिस अली शाह (रहमतुल्लाह अलैह) की दरगाह पर आयोजित तीन दिवसीय सालाना उर्स जिसे देवा मेला भी कहा जाता है यूं तो बुधवार से ही प्रारंभ हो गया था। इस उर्स में सूफी संत हजरत सैयद हाजी वारिस अली शाह रहमतुल्लाह के हजारों मुरीद और जायरीन हाजिरी लगाने उमड़े।


उर्स के दूसरे रोज सूफी संत हाजी सैय्यद वारिस अली शाह की दरगाह पर दूर दराज से जायरीन ने पहुंच कर मन्नतें व मुरादें मांगीं। तीन दिन के सालाना उर्स में सबसे पहला कार्तिक उर्स है। जो देवा मेले के रूप में देश-विदेश में प्रख्यात है। यह उर्स स्वयं हाजी वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह ने अपने वालिद सैयद कुर्बान अली शाह की याद में शुरू किया था। इसके बाद सफर का उर्स होता है। यह उर्स सूफी संत हाजी वारिस अली की याद में आयोजित होता है। चार दिवसीय इस उर्स में भी देश-विदेश के काफी जायरीन सूफी संत की दरगाह पर अपनी हाजिरी लगाते हैं। इसमें इस्लामी माह की पहली सफर को हाजी वारिस अली शाह का कुलशरीफ होगा। इसके बाद आयोजित होने वाला चैत्र उर्स मूलत: बाबा के एहरामपोश फुकरा द्वारा आयोजित किया जाता है।


इस उर्स में देश-विदेश में फैले बाबा के एहरामपोश मुरीद अपने पीर को अकीदत पेश करने आते हैं। देश भर में फैले बाबा के मुरीद वारसी संस्कृति के इस मरकज पर मौजूद रहकर अपने पीर को खिराजे अकीदत पेश करते हैं। सफर उर्स इस बार 23 जुलाई एवं इस्लामी तिथि 27 मुहर्रम से प्रारंभ होकर एक सफर की तिथि अंग्रेजी तारीख 26 जुलाई तक चलेगा। समाचार लिखे जाने तक हज़रत का उर्स जारी था। आपकी दरगाह पर गूंज रहा सुफियाना कलाम फिजा में शहद सी मिठास घोल रहे थे।

Bihar : Vidhan sabha Main सम्राट से Tejasvi की तीखी नोंकझोंक

तेजस्वी बोलें: सरकार मुझे मरवाना चाहती है, हथियार दे रहा हूं, मरवा दे 


Patna (dil India live)। बिहार विधानसभा में गुरुवार को वोटर सूची पुनरीक्षण को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, उनके समर्थक विधायकों - मंत्री से तीखी नोंक-झोंक के साथ बहस हुई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष पर अशालीन शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ।

बाद में विस परिसर में मीडिया से मुखातिब होते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल उन्हें मरवाना चाहता है। उन्होंने कहा कि विधायक जनक सिंह ने उन्हें मां-बहन की गालियां दीं। तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने कभी अपशब्द नहीं बोला जबकि भाजपा के विधायक और डिप्टी सीएम भी उन्हें गालियां देते हैं।

विधायक जनक सिंह ने मां-बहन की गालियां दी

तेजस्वी बोले - 'सरकार मुझे मरवाना चाहती है तो मैं अपना लाइसेंसी हथियार देता हूं वह मुझे मरवा दे। विधायक जनक सिंह ने मां-बहन की गालियां दी, जबकि मैंने कोई अपशब्द नहीं बोला। राजनीतिक जीवन में मैंने कभी अपशब्द नहीं बोला, जबकि मुझे सदन में मां-बहन की गालियां दी गई। जब हम जोर से बोलेंगे तो गीला हो जाएगा...। भाजपा सारी सीमाएं लांघ रही है। भाजपा के विधायक ने जिस तरह मुझे गालियां दी हैं, वो कभी भी आज तक सदन में नहीं हुआ। भाजपा के डिप्टी सीएम भी मुझे गालियां देते हैं। सरकार में हिम्मत है तो मुझे जेल भेज दे गोली मार दे, क्योंकि आज माइक तोड़कर मेरी तरफ मारने की कोशिश की गई।'

सदन में तेजस्वी संग सत्ता पक्ष की गर्म बहस

सदन में वोटर सूची गहन पुनरीक्षण का फॉर्म दिखाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि '11 तरह के डॉक्यूमेंट मांगे हैं, लेकिन कितने तरह के डॉक्यूमेंट आम आदमी के पास हैं, यह आप बताईये। फिर जब कोई पत्रकार दिल्ली से आकर सच दिखा रहे हैं कि कैसे फर्जीवाड़ा हो रहा है, कैसे फर्जी साईन हो रहे हैं, कैसे फॉर्म को बिना किसी डॉक्यूमेंट के अपलोड किया जा रहा है तो उस पर आप लोगों ने एफआईआर करा दी।' आप कौन होते हैं यह तय करने वाले...? इसी बात पर सम्राट चौधरी उठ खड़े हुए और उन्होंने कहा कि -'जिसका बाप खुद अपराधी हो, लूटेरा हो उसका बेटा क्या बोलेगा?' इसी बात पर हंगामा होने लगा और फिर विधान सभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई को 4 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान भाजपा के जनक सिंह ने गाली गलौज की। 


अब अशोक चौधरी फिर उठ खड़े हुए और तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने विभाग में एक भी योजना अगर दी हो तो कहिये। तेजस्वी यादव ने कहा कि - 'सरकार हमारी योजना को पीछे पीछे घोषणा कर रही है। यह सरकार मेरे द्वारा घोषित माय-बहन योजना का भी नक़ल करेंगे। यह सरकार नकलची है।

हम सारा क्रेडिट नीतीश कुमार को देने के लिए तैयार हैं लेकिन यह विजन किसका है? यह विजन मेरा था। प्रधानमंत्री नीतीश कुमार कब चीनी की मिल खुलवायेंगे और लोगों को चाय पिलायेंगे? मुख्यमंत्री ऐसा चाहिए जो अचेत अवस्था में न हो। नीतीश कुमार जी, अपने आप के आसपास बैठे लोगों को पहचानिए। आपका जदयू जदयू नहीं बल्कि भाजपा हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाईजैक कर लिया है।' इसके जवाब में विजय चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि आप भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाइजैक करने की कोशिश किये थे, लेकिन आप नहीं कर पाए।

सम्राट और विजय चौधरी यह बोले...

एसआईआर पर सम्राट चौधरी बोले- "जो प्रवासी बाहर जाते हैं, ऐसे 26 लाख लोगों को चिह्नित किया गया है। 2005 में 11 प्रतिशत बिहार से बाहर जाते थे। आज का रिपोर्ट है कि यह दो प्रतिशत से भी कम है। अभी 26 लाख लोग चिह्नित हुए हैं।

चुनाव आयोग में कल नेता विरोधी दल यह कह रहे थे कि भारत निर्वाचन आयोग कोई आंकड़ा नहीं जारी कर रहा है, जबकि यह कागज और आंकड़े सामने हैं। किसी का भी वोट नहीं कट रहा, यह मंत्री विजय चौधरी बता चुके हैं।"

इससे पहले मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा- "सभी नेता, विधायक अपना नाम तो अपडेट करा रहे हैं और जनता को भ्रमित कर रहे हैं कि पुनरीक्षण बंद करा दिया जाना चाहिए। 95 प्रतिशत वोटरों की जांच के बाद इसे रोकने की इस तरह की जिद करना गलत है। चुनाव आयोग ने अबतक कोई ऐसा काम नहीं किया है कि उसकी मंशा पर सवाल उठाया जाए।

संविधान में लिखा है कि जिसे नागरिकता मिली हुई है, वही मताधिकार रख सकता है। बिहार का कोई सही नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहे, यही हमलोग भी चाहते हैं। गहन पुनरीक्षण भी संविधान और लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत है। पुनरीक्षण हर चुनाव के पहले होता है। गहन पुनरीक्षण इतने समय बाद हो रहा है। इसमें फर्क है।

सामान्य पुनरीक्षण में सिर्फ दावे देखे जाते हैं। किसी का नाम जुड़ता या हटाया जाता है, उसमें। अब 22 वर्षों बाद यह जो विशेष गहन पुनरीक्षण हो रहा है। एसआईआर में एक-एक घर में जाकर देखा जाता है कि वह मतदाता घर में हैं कि नहीं।

पिछली बार, 2003 में भी एक महीने में यह काम हुआ था, इस बार भी लगभग उतने ही समय में हो रहा है। फिर दिक्कत क्यों है? मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पर विभिन्न दलों की राय आपने सुनी है।

उच्चतम न्यायालय में मामला है, फिर भी सदन संचालन की सहूलियत के लिए एसआईआर पर आपने चर्चा की अनुमति दी। सत्ता ने आपत्ति नहीं की। अच्छा लगा कि विपक्ष के नेता ने भी पहली पंक्ति में कहा कि एसआईआर के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अंतिम पंक्ति में कहा कि बिहार सरकार गारंटी दे कि कोई मतदाता छूटेगा नहीं।

तो, महोदय सरकार की तरफ से सदन और सभी मतदाताओं को आश्वास्त करना चाहते हैं कि बिहार सरकार भी यही चाहती है कि कोई भी सही मतदाता, मतदाता सूची बाहर नहीं जाए। मतदान का अधिकार सिर्फ नागरिक की करता है। हर व्यक्ति जो यहां रह रहा है, वह मताधिकार नहीं रखता।"

UP Police के सिपाहियों को भी मिलेगा India Post Bima लाभ

पोस्ट मास्टर जनरल कर्नल विनोद कुमार ने Police Commissioner को दी योजनाओं की जानकारी 


Varanasi (dil India live). बनारस परिक्षेत्र के पोस्ट मास्टर जनरल कर्नल विनोद कुमार ने वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मुलाक़ात की और उन्हें इंडिया पोस्ट की बचत योजनाओं तथा बीमा योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी । 

कर्नल विनोद के अनुसार पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बहुत तनाव में कार्य करते हैं जिससे वह अपने परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षित निवेश नहीं कर पाते उनकी सेवा के लिए भारतीय डाक विभाग ने एक नई पहले करते हुए उनके पुलिस थानों और कार्यालयों में तथा ट्रेनिंग सेंटर में जा कर योजनाओं का प्रचार करने की व्यवस्था की है । इस अभियान में डाक अधीक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे जो पुलिस महकमें में जा कर कैम्प लगायेंगे ताकि ज़्यादा से ज़्यादा पुलिस कर्मियों को बीमा कवर उपलब्ध कराया जा सके।

कर्नल विनोद ने बताया कि ये अभियान वाराणसी के सभी उपमंडलों में शुरू किया जाएगा और डाककर्मी अपने साथ संबंधित फॉर्म भी ले जाएँगे और वीडियो तथा प्रेजेंटेशन से जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

पुलिस कमिश्नर ने जवानों के कल्याण के लिए अभियान में सहयोग करने का भरोसा दिलाया और कहा कि इस अभियान से सभी पुलिस कर्मियों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने भारतीय डाक विभाग की सराहना करते हुए उत्कृष्ट सेवा कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया। कर्नल विनोद ने बताया कि डाक विभाग में प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत सिर्फ दो रूपये सालाना खर्च पर दो लाख रुपए का एक्सीडेंटल डेथ और डिसेबिलिटी का बीमा सुविधा उपलब्ध है, यह सुविधा बनारस के सभी डाकघरों में आसानी से ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह  बीमा सुविधा राशि प्रति माह दो रुपए से भी कम पर मिल रही है। इसके लिए पोस्ट ऑफिस में एक बचत खाता खुलवाना होगा और इसके बाद स्थायी निदेश देने पर इंडिया पोस्ट हर साल अकाउंट से बीस रुपए निकाल कर बीमा कवर को निरंतरता प्रदान करता रहेगा। यह बीमा पॉलिसी एक साल के भीतर रिन्यू होती रहेगी।


कर्नल विनोद ने बताया कि अगर कोई विभाग , कार्यालय , कंपनी और संस्थान इस योजना में अपने कर्मचारियों का बीमा करवाने के लिए तैयार है तो इंडिया पोस्ट उनके कार्यालय में कैम्प आयोजित करने के लिए तैयार है, इसके लिए डाक विभाग के अधीक्षक और बनारस कैंट स्थित परिमंडल कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

कर्नल विनोद ने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को इंडिया पोस्ट द्वारा जारी किए गए डाक टिकटों का खूबसूरत सेट भेंट किया। उनके साथ डॉ वीरेंद्र सिंह तथा विपिन सिंह सहायक अधीक्षक ने भी जवानों के बीच पहुंचकर जानकारी विस्तार करने की बात कही।

बुधवार, 23 जुलाई 2025

Politics: Delhi Main गरजे जलालुद्दीन, जानिए कौन हैं और क्या है माजरा?

मुसलमानों को डरने की ज़रूरत नहीं, पार्टी उनके साथ- आदिक

हम किसी भी हाल में समाज के साथ अन्याय नहीं होने देंगे-जलालुद्दीन एडवोकेट 

राकांपा अल्पसंख्यक विंग की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में फ़िलिस्तीनियों के प्रति सहानुभूति


  • सरफराज अहमद 

New Delhi (dil India live). दिल्ली में राकांपा अल्पसंख्यक विंग की राष्ट्रीय परिषद की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अल्पसंख्यक विंग के अध्यक्ष सैयद जलालुद्दीन एडवोकेट ने की। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश गोविंदराव आदिक ने कहा कि अजित पवार दादा का चेहरा धर्मनिरपेक्षता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को डरने की ज़रूरत नहीं है। हमें समाज के सामने जाना होगा और उनके अंदर बैठे डर को बाहर निकालना हमारी ज़िम्मेदारी है। पार्टी पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी है और उनका विश्वास बहाल करना है। उन्होंने कहा कि वे संख्या में अल्पसंख्यक हैं लेकिन विचारों में बहुसंख्यक हैं और हमें विचारों के साथ चलना होगा। उन्होंने फ़िलिस्तीन और इज़राइल पर पार्टी का रुख़ स्पष्ट करते हुए कहा कि अत्याचार और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हम अत्याचार के ख़िलाफ़ हैं और उत्पीड़ितों के साथ हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अल्पसंख्यक विंग के अध्यक्ष एडवोकेट सैयद जलालुद्दीन ने कहा कि उर्दू अकादमी का बजट एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का काम उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत दादा पवार ने किया है, जिन्हें हम सलाम करते हैं। मौलाना आज़ाद के बजट को 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये किया गया और अगर पूरी ताकत दी जाए तो हम मुसलमानों को पांच प्रतिशत आरक्षण देंगे, यह हमारा वादा है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी ताकत से मुसलमानों और फिलिस्तीनियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर मुसलमानों की समस्याओं को उठाएगी बल्कि उसका समाधान भी ढूंढेगी। उन्होंने कहा कि आज धर्मनिरपेक्ष और सांप्रदायिकता पर बहस खत्म हो गई है और शिवसेना, जिसके लोग मुसलमानों से वोट का अधिकार छीनना चाहते थे, उनका कांग्रेस के साथ गठबंधन है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सैयद जलालुद्दीन ने कहा कि हम किसी भी हालत में समाज के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। कार्यक्रम का संचालन अल्पसंख्यक विंग के राष्ट्रीय महासचिव प्रमुख पत्रकार मुमताज आलम रिजवी ने किया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक क्षेत्र के नेता नूर-उन-नबी खान, रूही सलीम, जावेद हबीब, धनंजय शर्मा और देश भर से आए अन्य पार्टी नेताओं ने भाग लिया और पार्टी को देश भर में आगे ले जाने का संकल्प लिया।

UP: Varanasi Main BLW मेंनगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की हुई बैठक

वाराणसी ने हिंदी को समृद्ध करने में अनूठा योगदान दिया-नरेश पाल सिंह

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). बनारस रेल इंजन कारखाना,(BLW) की राजभाषा विभाग द्वारा आज 23. जुलाई को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष, नराकास एवं महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह बरेका ने कहा कि वाराणसी ने हिंदी भाषा को समृद्ध करने में अनूठा योगदान दिया है। सभी कार्यालय इस विरासत को ध्यान में रख कर अपना समस्त कार्य हिंदी में करें। जनता की भाषा में कार्य करके ही हम सही मायने में लोक सेवा कर सकते हैं। 

मौलिक चिंतन एवं लेखन पर जोर 

अध्यक्ष, नराकास एवं महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह बरेका ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए तकनीकी क्षेत्र में मौलिक चिंतन एवं लेखन आवश्यक है, जो हिंदी में ही संभव है।


उन्होंने सभी कार्यालयों से अपने-अपने क्षेत्र के तकनीकी ज्ञान को हिंदी में लिखने एवं नराकास की पत्रिका “बनारस दर्पण” में भेजने का आग्रह किया। उन्होंने संसदीय राजभाषा समिति के निर्देशों का पालन करने एवं अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में भागीदारी का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए हिंदी माला का कार्य कर रही है। हमें हिंदी में कार्य करके देश को और मजबूत बनाना है।

विचार गोष्ठियों का आयोजन ज्यादा हो

मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी विनीत कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राजभाषा की प्रगति के लिए अधिक से अधिक विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाए। निदेशक, विमानपत्तन प्राधिकरण पुनीत गुप्ता ने तकनीकी लेखन हिंदी में करने पर बल दिया। केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के प्रतिनिधि सुरेश कुमार श्रीवास्तव ने सभी कार्यालयों से राजभाषा नीति का कड़ाई से अनुपालन करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, केंद्रीय निगमों एवं स्वायत्तशासी संगठनों के कार्यालयों के विभागाध्यक्ष/प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


बैठक में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की ई-पत्रिका “बनारस दर्पण” का लोकार्पण किया गया। इसके पूर्व मुख्य राजभाषा अधिकारी, बरेका एवं उपाध्यक्ष, नराकास प्रवीण कुमार ने सभी प्रतिनिधियों का स्वाागत करते हुए राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए किए जा रहे रचनात्मक प्रयासों से अवगत कराया। बैठक का संचालन करते हुए समिति के सदस्यर सचिव एवं बरेका के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी डा़ संजय कुमार सिंह ने भारत सरकार द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम के सभी मदों की प्रगति से समिति को अवगत कराया। 


इस अवसर पर केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, केंद्रीय निगमों एवं स्वायत्तशासी संगठनों के कार्यालयों के विभागाध्यक्ष / प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

National: mumbai Main 2006 को हुए सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में सभी को हाईकोर्ट ने माना निर्दोष

सीरियल ट्रेन ब्लास्ट में सभी 12 आरोपी को किया गया बाइज्जत बरी

19 साल बाद अपनों के बीच पहुंचे तो छलका आंसु, परिवार संग खाया खाना


Mumbai (dil India live)। मुंबई में 2006 के सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। करीब 19 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद यह फैसला आया है। बरी हुए लोगों में मोहम्मद अली शेख ने मीडिया को बताया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया और प्रताड़ित किया गया। परिवार के बीच सालों बाद सकून से बैठे हुुए अली शेख ने कहा कि 'अधिकारियों ने मुझे बंदूक की नोक पर धमकाया और सरकारी गवाह बनने के लिए 10 लाख रुपये और दुबई में नौकरी के साथ 10 हजार रुपये महीने खर्च की हर महीने देने की पेशकश की थी। इन सब के बाद भी हमने गुनाह कबूल नहीं किया, क्योंकि हम निर्दोष थे।'

मोहम्मद अली शेख ने बताया कि 'हाईकोर्ट ने हमें आजाद कर दिया है। सत्य की ही जीत हुई है। जरूरत पड़ने पर हम अपना केस सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे और हमारी जीत वहां भी पक्की है। मामले की ऑनलाइन ही सुनवाई चल रही थी। उसी दौरान अपने बरी होने की जानकारी मिली थी।

ये सुनकर 19 साल बाद अपने परिवार से मिलने की आस जगी थी। एहतेशाम सिद्दीकी और मुझे सोमवार शाम नागपुर जेल से रिहा कर दिया गया था। उसके बाद हम मंगलवार सुबह 3.30 बजे मुंबई के लिए रवाना हुए।' इस दौरान 19 साल बाद अपने परिवार से मिलने पर आंखों से आंसु छलक पड़े। इस जीत पर उन्होंने खुशी जाहिर की और आगे की कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही। बता दें कि कोर्ट ने कहा कि प्रॉसीक्यूशन यानी सरकारी वकील आरोपियों के खिलाफ केस साबित करने में नाकाम रहे हैं।

बता दें कि मुंबई में हुए हमलों की जांच कर रही एटीएस की ओर से कोर्ट में दावा किया गया था कि शेख के घर पर पाकिस्तानी व्यक्ति आया था। उसी ने ही 11 जुलाई 2006 को ट्रेनों में  बम रखे थे मगर कोर्ट में यह सिद्ध नहीं हो पाया।

उधर कोर्ट के फैसले के बाद आरोपों से बरी होने वाले मोहम्मद अली शेख के गोवंडी में मौजूद घर पर उनके रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने मिठाइयां खिलाकर बधाई दी। इस दौरान मोहम्मद ने कहा कि वे 19 साल बाद अपने परिवार के साथ बैठकर खाना खा रहे हैं।

56 साल के मोहम्मद अली शेख ने अपने घर की दहलीज पर बैठे हुए मीडिया से कहा, 'अपने परिवार से दोबारा मिलने की खुशी बयान नहीं की जा सकती है। मैं 19 साल बाद, अपनी पत्नी, बच्चों, भाइयों और बहनों के साथ बैठा और खाना खा पाया हूं। हमें झूठे मामलों में फंसाया गया था। इस दौरान हमें खूब टॉर्चर किया गया और इंसल्ट करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी गई। इस पूरे मामले के दौरान मेरे 11 साल के बेटे को भी एटीएस अधिकारी ने थप्पड़ मारा था। अधिकारी मेरे घर आते और पूरे परिवार को परेशान करते थे।

ठाणे जेल में बंदी के दौरान अपने भाई मुनव्वर के निधन के बाद पैरोल के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे कैंसिल कर दिया गया। बाद में पिता की भी मृत्यु हो गई। उस बार, पैरोल मंजूर कर ली, लेकिन ठाणे जेल से गोवंडी तक पुलिस एस्कॉर्ट का शुल्क 1.7 लाख रुपये था। मैं इसका खर्च कैसे उठा सकता था?

जेल में भी करता था पढाई

मैं जेल में रहते हुए भी पढ़ाई कर रहा था। जेल में रहते हुए मैंने टूरिज्म में दो कोर्स पास किए। आर्ट में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और एमए (हिस्ट्री) के फर्स्ट ईयर की परीक्षा दी। अब अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने की योजना है।'

मंगलवार, 22 जुलाई 2025

International: विश्व प्रसिद्ध सूफी संत Hazrat Makhdoom Ashraf के उर्स में अकीदतमंदों का हुजूम

सूफियाना रंग में किछौछा शरीफ़, दरगाह में मिल्लत की दिखी तस्वीर

Mohd Rizwan 

Ambedkar Nagar (dil India live). हजरत मखदूम अशरफ सिमनानी के उर्स पर सूफियाना रंग में किछौछा शरीफ़ दरगाह जहां नज़र आ रही है वहीं दूसरी ओर उर्स में सभी मज़हब और संप्रदाय के लोगों की हाजिरी से मिल्लत की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है। यहां सभी हज़रत के आस्ताने पर अपनी अकीदत लुटाते दिखाई दे रहे हैं।

उर्स पर किछौछा दरगाह परिसर सूफियाना तराने में रंगा हुआ है। मलंगों की पेशकश और लाखों अकीदतमंदों की आंखों में रूहानी चमक इस मौके को और खास बना रही है। मलंग गेट से लेकर आस्ताना तक की गलियों में सूफी रंग बिखर रहे हैं। दरगाह परिसर रोशनी और रुहानियत से जगमगाने लगा है। देश-विदेश से पहुंचे हजारों जायरीन की मौजूदगी में हर तरफ या मखदूम की सदाएं गूंज रही हैं। सज्जादानशीन व ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद मोइनुद्दीन अशरफ (मोइन मियां) समेत दरगाह से जुड़े लोगों की मौजूदगी उर्स को खास बना रही है। मलंगों और फोखराओं के काफिले के साथ रुहानी माहौल बन रहा है। सूफियाना तराने व करतब पेश कर समां बांध दिया। दरगाह पर चादरपोशी की रस्म अदा कर मुल्क की सलामती, एकता और अमन-चैन की दुआ मांगी जा रही है। इस बीच दुनिया भर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। बड़ी तादात में लोग रात रात भर दरगाह के बाहर रुहानी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

हजरत मखदूम अशरफ का 639वां उर्स

किछौछा में सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ रहमतुल्लाह अलैह का 639 वां वार्षिक उर्स पिछले दिनों सज्जादानशीन सैयद मोहिउद्दीन अशरफ के परचम कुशाई के साथ शुरू हुआ था। ढोल नगाड़ों की धुनों के बीच दरगाह के सज्जादानशीन सैयद मोहिउद्दीन अशरफ अशरफीउल जिलानी ने अपने खानवादए अशरफिया के लोगों के साथ ऐतिहासिक मलंग गेट के पास झंडारोहण कर सालाना उर्स का आगाज किया। सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ, सै. फैजान अहमद चांद, एआईसीसी सदस्य मेराजुद्दीन किछौछवी, बदीउद्दीन अशरफ, सै. मजहरुद्दीन अशरफ, सूफीए मिल्लत सै. आसिफ अशरफ, अल्हाज सै. अकिल अशरफ समेत अन्य लोगों का फूलों का सेहरा पहना कर गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया।