लेखिका (Author): लता सुरेश (Lata Suresh)
यह पुस्तक लता सुरेश द्वारा लिखित एकल लघु कहानी संग्रह है जिसका शीर्षक 'रिश्ते' है। यहां इस पुस्तक की संदीप चौरसिया कर रहे हैं ख़ास समीक्षा, यहां देखिए:-
dil india live (Varanasi).
'रिश्ते' जैसा शीर्षक सुनते ही मन में एक गहरी भावना जागृत होती है, क्योंकि जीवन में रिश्तों से अधिक महत्वपूर्ण और कुछ नहीं। लेखिका लता सुरेश का यह लघु कहानी संग्रह अपने नाम को पूरी तरह से सार्थक करता है, जहां हर कहानी मानव मन की गहराइयों और उसके जटिल संबंधों को छूती है।
विषय-वस्तु और सार
यह संग्रह एक कहानी से दूसरी कहानी तक, हमें मानवीय रिश्तों के अलग-अलग पहलुओं से रूबरू कराता है। चूँकि यह एक लघु कहानी संग्रह है, यह उम्मीद की जाती है कि हर कहानी छोटी, लेकिन अत्यंत मार्मिक और प्रभावशाली होगी। लेखिका ने शायद परिवार, दोस्ती, प्रेम, विश्वासघात, और आधुनिक जीवन शैली में रिश्तों की बदलती परिभाषा जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया है। एक कहानी शायद माँ-बेटे के अनकहे प्यार को दर्शाती हो, तो दूसरी दो दोस्तों के बीच उपजे मनमुटाव को। लघु कहानियों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी तीव्रता होती है—कम शब्दों में बड़ा अर्थ समेटना—और 'रिश्ते' में यह विशेषता भली-भांति दिखाई पड़ती है। यह किताब उन छोटे-छोटे पलों पर रोशनी डालती है जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन वे ही हमारे जीवन की बुनियाद होते हैं।
लेखन शैली
लता सुरेश की लेखन शैली सरल और हृदयस्पर्शी होने की संभावना है। रिश्तों जैसे भावुक विषय पर लिखने के लिए भाषा में सहानुभूति और स्पष्टता का होना आवश्यक है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी कहानियों का ताना-बाना हमारे अपने आस-पास के लोगों और घटनाओं से बुना गया है, जिससे पाठक तुरंत कहानियों से जुड़ाव महसूस कर सकता है। लघु कहानी होने के कारण, हर अंत शायद एक प्रश्नचिह्न या एक छोटी-सी सीख छोड़ जाता है, जो पाठक को लंबे समय तक सोचने पर मजबूर करती है।
हमारा निष्कर्ष
'रिश्ते' एक ऐसा संग्रह है जो आपको भावनाओं के कई स्तरों से होकर गुज़ारता है। यह उन पाठकों के लिए एक बेहतरीन चुनाव है जो कम समय में गहन और यथार्थवादी कहानियाँ पढ़ना पसंद करते हैं। यदि आप मानवीय भावनाओं, सामाजिक ताने-बाने, और रिश्तों की नाजुक डोर को करीब से समझना चाहते हैं, तो लता सुरेश की यह किताब निश्चित रूप से आपकी पठन-सूची में होनी चाहिए।
( लेखक नगर के युवा विचारक हैं)
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