बुधवार, 26 नवंबर 2025

Indian Postal Department ने मनाया 'संविधान दिवस

संविधान अपनाने की 76 वीं वर्षगांठ पर किया संविधान की उद्देशिका का पाठ

समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अद्भुत दस्तावेज है भारतीय संविधान -पीएमजी कृष्ण कुमार यादव


dil india live (Varanasi). भारतीय डाक विभाग द्वारा उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के सभी डाकघरों और प्रशासनिक कार्यालयों में 26 नवंबर, 2025 को 'संविधान दिवस' मनाया गया। क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद  में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने संविधान अंगीकरण की 76 वीं वर्षगांठ पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ, संविधान की उद्देशिका का पाठ और वाचन किया। सभी उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों ने उद्देशिका दोहराते हुए संविधान में निहित आदर्शों व मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। 

इस अवसर पर अपने संबोधन में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि संविधान सिर्फ किताब नहीं, यह राष्ट्र का मार्गदर्शक है। आज का दिन हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर व संविधान निर्माताओं ने हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता का ऐसा अद्भुत दस्तावेज दिया जिसने भारत को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया। आज के दिन हम यह संकल्प लें कि संविधान की मर्यादा, नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्रीय एकता को सदैव सर्वोपरि रखेंगे। 

पोस्ट मास्टर श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, संविधान सभा में  26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया था। करीब 2 वर्ष 11 महीने 17 दिनों की कठोर मेहनत के बाद संविधान को अंतिम रूप दिया गया। उसके मूल स्वरूप में 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और लगभग 1,45,000 शब्द शामिल थे, जिससे यह अब तक का सबसे विस्तृत राष्ट्रीय संविधान बना। बाद में 19 नवंबर 2015 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधिसूचना द्वारा 26 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।



इनकी रही खास मौजूदगी  
इस अवसर पर सहायक निदेशक वी. एम. वहोरा, रितुल गांधी, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठौर, चेतन सैन, सहायक अधीक्षक जीनेश पटेल, रमेश पटेल, रोनक शाह, डाक निरीक्षक पायल पटेल, आशीष पटेल, गौरी शंकर कुमावत सहित तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों ने संविधान दिवस पर शपथ ली।

 

मंगलवार, 25 नवंबर 2025

Guru Teg Bahadur साहिब का 350 वां शहीदी दिवस मना

गुरुद्वारे में गूंजा शब्द कीर्तन हुआ पाठ, चला गुरू का अटूट लंगर


dil india live (Varanasi). सिक्खों के नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादर साहिब (जिन्हे हिन्द की चादर के नाम से जाना जाता है) की शहादत संसार के इतिहास में अद्वितीय है। सब्र, संतोष, सहनशीलता और अकालपुरख में अटूट विश्वास इनकी शहादत को शिखर तक पहुँचाता है। जालिम और जुल्म का सामना गुरूदेव ने जिस सब्र से किया, निःसन्देह इसकी मिसाल और कहीं नहीं मिलती। इस आधार पर ही सिक्ख शहीदियों ने संसार के इतिहास में महान स्थान प्राप्त किया है। यह दिन नौंवे सिख गुरु के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिये मनाया जाता है। जिन्होंने धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया था।

 श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज की 350 वीं शहीदी शताब्दी दिवस पर आज 25/11/2025 को प्रातः 6:00 बजे से 8:30 बजे तक ऐतिहासिक तपस्थान गुरूद्वारा नीचीबाग व सांय 7:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक गुरूद्वारा गुरुबाग में कीर्तन दरबार सजाया गया। उपरान्त गुरू का अटूट लंगर बरताया गया।


इस उपलक्ष्य में पंथ के प्रसिद्ध हजूरी रागी भाई जबरतोड़ सिंह जी दरबार साहिब अमृतसर वाले व भाई नरिन्दर सिंह जी हजूरी रागी गुरुद्वारा गुरूबाग एवं भाई रकम सिंह जी हजूरी रागी गुरुद्वारा नीचीबाग वाराणसी वाले ने गुरुवाणी कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया। शहीदी दिवस के प्रति श्रद्धा को देखते हुए गुरुद्वारा परिसर को विशेष फूलों, प्रकाश सज्जा और आकर्षक मुख्य दिवान हाल से सुसज्जित किया गया था। गुरूद्वारे में काफी संख्या में श्रद्वालुओं ने गुरू साहिब जी के चरणों में मत्था टेक आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे दिन गुरुबाणी से गूंजा परिसर।

Nazir Benarasi को भारत रत्न देने की उठी मांग

मशहूर शायर नज़ीर बनारसी की जयंती पर हुई केंद्र सरकार से मांग

...मस्जिद मंदिर है सामने, एक एक दीप दोनों में पहले जला के चल

F. Farouqi (Babu)

dil india live (Varanasi). जन कल्याण परिषद् उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में मशहूर शायर नज़ीर बनारसी की जयंती रामकटोरा स्थित अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट के सभागार में, संस्था के प्रदेश अध्यक्ष गंगा सहाय पाण्डेय की अध्यक्षता में धूम-धाम से मनाई गई। इस अवसर पर नगर के सम्मानित कवि व शायरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व अपने कलाम से श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपनी काव्यांजलि दी ।

संस्था के प्रदेश अध्यक्ष गंगा सहाय पाण्डेय ने केन्द्र सरकार से नज़ीर बनारसी को भारत रत्न देने की मांग करते हुए कहा कि उन्होंने अहिंसा, प्रेम, शान्ति और साम्प्रदायिक सौहार्द को रबाईयो का विषय बनाया। सन् १९०३ में २१ वर्ष की उम्र में उनके द्वारा लिखित ग़ज़ल " इक रात में सौ बार जला और बुझा हूं " , मुफ़लिस का दीया हूं मगर आंधी से लड़ा हूं। सौदागर हूं उजाले का अंधेरे में खड़ा हूं, कभी नफ़रत की आग बढ़ने न पाए, बुझा के चल, उठ और प्यार की गंगा बहा के चल। जो राह रोकती है वो दीवार ढहा के चल, रास्ता अगर नहीं है तो, तो रास्ता बना के चल। होती है शाम मस्जिद मंदिर है सामने, एक एक दीप दोनों में पहले जला के चल। कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के प्रदेश महासचिव सिद्धनाथ शर्मा ने व धन्यवाद शमशुल आरफीन ने किया।

इनकी रही खास मौजूदगी 

इस अवसर पर जमाल बनारसी, मुहक्कम बनारसी, सिद्धनाथ शर्मा, सिद्ध, दिनेश दत्त पाठक, भुलक्कड़ बनारसी, विजय चन्द्र त्रिपाठी, शमीम गाजीपुरी, रामानंद दीक्षित, वहीद इकबाल, हाजी सगीर, विजय शंकर पाण्डेय, डा. अंजनी मिश्रा, शमशुल आरफीन, एस पी श्रीवास्तव आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

Education: DAV PG College में शिक्षकों से VC ने किया संवाद

शिक्षक युवा पीढ़ी को ज्ञानवान बनायें-वीसी प्रो.अजीत चतुर्वेदी


dil india live (Varanasi).। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) प्रो.अजीत कुमार चतुर्वेदी ने मंगलवार को डीएवी पीजी कॉलेज (DAV PG College) में शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि हमारी सबसे पहली प्राथमिकता युवा पीढ़ी को ज्ञानवान बनाना है, शिक्षकों का यह दायित्व है कि वें विद्यार्थियों को विषय के प्रति रुचि को बढ़ाये जिससे उनके ज्ञान कौशल में वृद्धि हो। कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में शिक्षकों से रूबरू होते हुए कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि वही सफल शिक्षक है जो अपने विद्यार्थी को प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करें। एक अच्छा शिक्षक भी हमेशा विद्यार्थी की ही भूमिका में रहता है। उन्होंने कॉलेज के अकादमिक माहौल की तारीफ करते हुए कहा कि यहां जिस तरह से अध्यापन और शोध कार्य को प्रमुखता दी जा रही है वह सराहनीय है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय डीएवी के अकादमिक उन्नयन के लिए सदैव तत्पर है और हर सहयोग के लिए तैयार है। 

इस मौके पर प्रबंधक अजीत कुमार सिंह एवं कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं रूद्राक्ष की माला भेंट कर उनका स्वागत किया। स्वागत भाषण डॉ. पारुल जैन एवं संचालन डॉ. शान्तनु सौरभ ने किया। इस मौके पर प्रबंध समिति के हरिबंश सिंह, उप प्राचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन, प्रो.राहुल, नित्यानंद वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामानन्द तिवारी, इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक सिंह सहित समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



कंप्यूटर सेंटर का किया शुभारंभ

 कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने डीएवी पीजी कॉलेज के न्यू ओबीसी बिल्डिंग में नवनिर्मित कम्प्यूटर सेंटर का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, प्रबंधक अजीत कुमार सिंह एवं कार्यवाहक प्राचार्य प्रो.मिश्रीलाल ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया। 100 से अधिक कंप्यूटर सेट वाले इस नए सेंटर से शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा साथ ही एआई, साइबर सुरक्षा और अन्य नये तकनीकी विषयों की शिक्षा भी प्रदान की जाएगी।



 

विभिन्न विभागों का निरीक्षण 

इस दौरान कुलपति ने विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने कॉमर्स लैब, इकॉन लैब, लाइब्रेरी, लैंग्वेज लैब, मनोविज्ञान लैब, पुरातत्व लैब आदि का निरीक्षण कर वहां‌ की व्यवस्था की तारीफ की। इस मौके पर उन्हें एनसीसी की तरफ से परेड की सलामी दी गई।

सोमवार, 24 नवंबर 2025

Education: The Modern public school शिक्षक सम्मान व विदाई समारोह का आयोजन

"शिक्षक विदाई समारोह में छलकें खुशी के आंसु"


dil india live (Varanasi). वाराणसी के बड़ी बाजार स्थित द मॉडर्न पब्लिक स्कूल (The Modern public school) में शिक्षक सम्मान व विदाई समारोह का आयोजन हुआ, जिसमे अध्यापिका रोजीना खानम  के सेवाकाल समाप्ति के मौके पर उनको स्मृति चिन्ह, शॉल, अन्य सामग्री भेंट कर  किया गया। प्रधानाचार्य अब्दुल वफ़ा अंसारी और डायरेक्टर मोहम्मद अहमद खान ने स्मृति चिन्ह व माल्यार्पण कर शिक्षिका को सम्मानित किया। सभी शिक्षकों व बच्चों को संबोधित करती हुई रोजीना खान ने कहा कि बच्चे पौधे की तरह होते है, जिस तरह पौधे के जीवन में हवा और पानी की आवश्यकता होती है ,ठीक उसी तरह बच्चे भी ज्ञान के भूखे होते है, और ज्ञान, अज्ञानता को दूर करते हुए एक नई मंजिल का सही रास्ता दिखाता है।

स्कूल के डायरेक्टर ने कहा की शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता, उनके गुणों की सराहना हमेशा होती है, शिक्षक एक ऐसा मार्गदर्शक होता है जो अपने शिक्षार्थी को एक ऐसा मार्ग प्रशस्त करता है जिससे उसका भविष्य उज्ज्वलित होता है। संचालन जफर अंसारी ने किया।

 इस मौके पर अब्दुल वफ़ा अंसारी, मोहम्मद अहमद खान, रोजीना, सोफिया अहमद, अंकित, रहमतुल्लाह, तबस्सुम, इत्यादि के अलावा बच्चों के अभिभावक गण भी उपस्थित थे।


रविवार, 23 नवंबर 2025

Club: Dr Pankaj Srivastava का आत्महत्या विषय पर पुस्तक लेखन के लिए रोटरी ने किया सम्मानित

रोटरी अश्वगंधा प्रोजेक्ट को पीसीएफ के साथ मिल कर करेगी

गमले में कैक्टस नहीं अश्वगंधा उगाए 





dil india live (Varanasi). रोटरी क्लब (Rotary Club)  ब्लड डोनर्स वाराणसी द्वारा सारनाथ स्थित होटल अनंत इन में रविवार को गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें आत्महत्या (Suicide Prevention) विषय पर अत्यंत संवेदनशील एवं जागरूकता बढ़ाने वाली पुस्तक "30 days to my suicide" लिखने के लिए डॉ. पंकज श्रीवास्तव का सम्मान किया गया। 

समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए किया गया उनका यह योगदान अत्यंत सराहनीय है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंकज श्रीवास्तव खुद उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि डॉ. शालिनी श्रीवास्तव एवं अमर अग्रवाल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दी। समारोह की अध्यक्षता क्लब अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता (सेंचुरियन क्लब) ने की। उन्होंने प्रतिमा चैरिटेबल फॉउंडेशन द्वारा संचालित आयुष मंत्रालय केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी "अश्वगंधा जागरूकता अभियान" के वाराणसी जनपद के सरकारी/प्राइवेट स्कूलों एवं किसान भाइयों के बीच सफल संचालन के लिए बधाई दी एवं अपने रोटरी क्लब द्वारा भी सहयोग करने का आश्वासन दिया। फॉउंडेशन के सचिव सागर श्रीवास्तव ने विस्तार से अश्वगंधा अभियान के बारे में बताया।

इनकी रही खास मौजूदगी

कार्यक्रम में डॉक्टर आर के यादव, वरिष्ठ रोटेरियन राजू राय, अभिमन्यु वर्मा, शालिनी शर्मा, जेपी मौर्या, रमेश राय, कृष्ण मोहन गुप्ता, विशाल गुप्ता, अश्विनी सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर आशीष गुप्ता तथा धन्यवाद ज्ञापन संगीता राय ने दिया।

St. Mary's cathedral से निकला कैंडल मार्च


धूमधाम से मसीही समुदाय ने मनाया ख्रीस्त राजा का पर्व



dil india live (Varanasi). देश दुनिया की तरह अपने शहर बनारस में भी ख्रीस्त राजा का पर्व रविवार को धूमधाम से आस्थापूर्वक मनाया गया। वाराणसी धर्म प्रांत के मसीही समुदाय ने रविवार की शाम सेंट मेरीज महागिरजा (St. Mary's cathedral) से कैंडल मार्च निकाला और अपार जनसमूह के बीच शांति सद्भावना का संदेश दिया। यह भव्य कैंडल मार्च कैंटोंमेंट के विभिन्न हिस्सों से होते हुए सेंट मैरीज स्कूल, दूरसंचार आफिस, मदर टेरेसा मार्ग, मिंट हाउस और एयरफोर्स चौराहा होते हुए वापस सेंट मैरीज कैथड्रल पहुंच कर सम्पन्न हुआ। इस मौके पर पोस्ट ऑफिस चौराहे पर मदर टेरेसा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। मार्ग पर प्रभु यीशु की सुंदर झांकियाँ, भक्ति गीत, धार्मिक बैनर और बाइबिल की आयतों से सजे द्वार विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। फादर थॉमस के संयोजन में निकले इस जुलूस में सैकड़ों श्रद्धालु मोमबत्तियां लिए शामिल थे। 

हुई आराधना, गूंजा मसीही गीत 
सेंट मेरीज महागिरजा (St. Mary's cathedral) में प्रार्थना सभा का आयोजन Bishop यूजीन जोसफ की अगुवाई में किया गया। इस दौरान मसीही समुदाय ने जहां प्रभु की आराधना की वहीं फिज़ा में मसीही गीत भी बुलंद हो रहे थे। आयोजन में कैंट थाना प्रभारी व नदेसर चौकी प्रभारी सुरक्षा व्यवस्था संभालने हुए थे। 
चर्च विधि का हुआ समापन

बिशप हाउस से जुड़े राकी ने बताया कि ख्रीस्त राजा के पर्व के साथ ही चर्च की इस साल की धर्म विधि का समापन हो गया अब प्रभु यीशु के जन्म का उत्सव क्रिसमस की तैयारियां शुरू हो जाएगी। आगमन के साथ ही क्रिश्चियन यीशु जन्मोत्सव में जुट जाएंगे।