गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

VKM Varanasi में दो दिवसीय अनुभवात्मक कार्यशाला व प्रदर्शनी का आगाज़

अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से स्वदेशी शिल्प परंपराओं का संवर्धन





dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM), कमच्छा, वाराणसी के गृह विज्ञान विभाग द्वारा 18 फरवरी 2026 से दो दिवसीय अनुभवात्मक कार्यशाला, प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉल का शुभारंभ महाविद्यालय परिसर के कैंटीन क्षेत्र में प्रातः 11:00 बजे किया गया। यह कार्यशाला 18 एवं 19 फरवरी 2026 को प्रतिदिन अपराह्न 4:00 बजे तक अवलोकनार्थ एवं बिक्री रहेगी।

कार्यक्रम विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता देवड़िया के कुशल निर्देशन में तथा प्राचार्य प्रो. रचना श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप कौशल विकास एवं ‘Learning by Doing’ आधारित शिक्षण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय पारंपरिक शिल्प विधाओं से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना तथा स्वदेशी कला परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रेरित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत दो प्रमुख शिल्प विधाओं लिप्पन आर्ट (कच्छ, गुजरात की प्रसिद्ध भित्ति सज्जा कला) तथा खटवा एवं मिरर वर्क (पारंपरिक कढ़ाई एवं दर्पण सज्जा शैली) का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम में लिप्पन आर्ट सत्र का संचालन डॉ. सृष्टि पुरवार (फैकल्टी, सेंटर ऑफ फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय) द्वारा किया जा रहा है, जो विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार एवं एमएसएमई, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नामित डिज़ाइनर हैं। वहीं खटवा एवं मिरर वर्क सत्र का संचालन स्वतंत्र शिल्प विशेषज्ञ अनन्या शर्मा द्वारा किया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि कुनाल (HKV बनारस) एवं अभिलाषा पोद्दार (सम्यक  क्रिएशन बनारस ) ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। 

प्रतिभागियो में विभिन्न महाविद्यालय से डॉ वेलेंटीना प्रिया (अम्बेडकर नगर ) डॉ. साधना अग्रवाल (एसोसिएट प्रोफेसर, GGDC DLW वाराणसी), डॉ. दीपिका यादव एवं डॉ. महेश्वरी विश्वकर्मा (डीएमपीजी कॉलेज), डॉ. कल्पना आनंद एवं डॉ. प्रीति विश्वकर्मा , डॉ सपना भूषण (VKM), डॉ. राखी अस्थाना, विद्या पटेल, डॉ. प्रियंका, डॉ. ज्योति, डॉ. श्वेता, डॉ. आकांक्षा, डॉ. स्वास्तिका, डॉ. गरिमा, डॉ. शिप्रा, अनीता त्रिपाठी , डॉ शालिनी ( अग्रसेन पीजी कॉलेज ) सहित अनेक शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यशाला का प्रबंधन रिसर्च स्कॉलर्स शालिनी प्रिया , संयोगीता, उजाला सरोज एवं प्रयोग शाला सहायक योगिता पद्मा एवम् सोनी के द्वारा किया गया। कार्यशाला में लिप्पन आर्ट हेतु 113 विद्यार्थियों तथा खटवा हेतु 51 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, लगभग 8 प्राध्यापक सदस्यों की सक्रिय सहभागिता इस आयोजन की अकादमिक गंभीरता को दर्शाती है।




इस कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों डी.एम.पी.जी. कॉलेज, महादेव पी.जी. कॉलेज, पी.जी. कॉलेज गाजीपुर, घनश्याम सिंह पी.जी. कॉलेज, वनिता पॉलिटेक्निक, केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महाविद्यालय, राजकीय महिला महाविद्यालय, रामाबाई महिला राजकीय पी.जी. कॉलेज, महारानी बनारस महिला महाविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला कॉलेज तथा दीप राय इंटर कॉलेज से विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की है।

इन दो दिनों में गृह विज्ञान विभाग की यूजी, पीजी एवं सर्टिफिकेट कोर्स की छात्राओं द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री भी आयोजित की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं स्वरोजगार के व्यावहारिक आयामों का अनुभव प्राप्त होगा।

महाविद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि यह पहल विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करेगी तथा स्वदेशी शिल्प परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध होगी।

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