लाट सरैया में मुकम्मल हुई तरावीह तो इमामे तरावीह की हुई गुलपोशी
Sarfaraz/Rizwan
dil india live (Varanasi). शाम में मगरिब का वक्त होते ही रब के नेक बंदे अज़ान के इंतजार में थे तभी मस्जिदों से अल्लाह हो अकबर अल्लाह...की सदाएं बुलंद हो उठी। इस दौरान तमाम रोजेदारों ने खजूर और पानी के साथ जहां रोज़ा खोला वहीं लज़ीज़ इफ्तार का तमाम रोजेदारों ने लुत्फ उठाया। इफ्तार के बाद लोगों ने नमाजे मगरिब अदा कर रब से अमनो-मिल्लत, सेहत, तन्दरूस्ती की दुआएं मांगी।
तरावीह मुकम्मल होना शुरू
वाराणसी में रमजान का मुबारक महीना शुरू होते ही सभी मस्जिदों में तरावीह की नमाजे शुरू हो गई थी। अब तरावीह मुकम्मल होना शुरू हो गई है। इसी कड़ी में ईदगाह लाट सरैया में और मखदूम शाह बाबा की मस्जिद में तीन दिन की तरावीह की नमाज मुकम्मल हुई। इन दोनों मस्जिदों के मतवल्ली बुनकर बिरादराना तंजीम चौदहों के सरदार हाजी मकबूल हसन की अगुवाई में पढ़ाई गई। लाट मस्जिद सरैया में हाफिज मोहम्मद जुबैर ने और मखदूम शाह बाबा की मस्जिद में हाफिज मोहम्मद अहमद ने तीन दिन की तरावीह की नमाज में पूरी कुरान मुकम्मल कराई। तरावीह की नमाज खत्म होने के बाद नमाजियों के साथ सरदार मकबूल हसन ने दोनों हाफिजों को माला पहना कर मुबारक बाद दिया और रस्म अदायगी कर उनका शुक्रिया अदा किया। ऐसे ही आज रात मदरसा ख़ानम जान समेत कई जगहों पर तरावीह मुकम्मल होगी।
इनकी रही खास मौजूदगी
इस मौके पर मौजूद चौदहों के सरदार मकबूल हसन, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, पार्षद तुफैल अंसारी, पूर्व पार्षद कल्लू, हाजी अब्दुल वहीद, हाजी बैतूल हसन, सरदार गुलाम नबी, अब्दुल रब अंसारी, नेसार अंसारी, अब्दुल रशीद, सरदार शमीम अहमद, अब्दुल मजीद, निजामुद्दीन, गुलाम रसूल उर्फ बाबा, जुल्फिकार अली, शमीम सरदार, माजिद महतो, रशीद बाबा, बाबूल बाबा, मुस्तफा, रफीक शाह, हाफिज इकराम, हाफिज अब्दुल मजीद, हाजी मंजूर, मन्नान शाह सहित सैकड़ों लोगो ने तरावीह की नमाज मुकम्मल की।






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