Varanasi के GuruNanak Bhawan में सैकड़ों स्टूडेंट्स ने लिया भारतीय कला का प्रशिक्षण
हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, नृत्य, रंगमंच तथा दृश्य कला को प्रशिक्षुओं ने सीखा व नजदीक से जाना
कला की चार विधाओं को सीखने जुटे वाराणसी के 9 व्याख्या केन्द्रों के 180 प्रशिक्षु
dil india live (Varanasi). सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के तत्वाधान में गुरूनानक खालसा बालिका इण्टर कालेज वाराणसी द्वारा 'संस्कृति परियोजना वाराणसी' के अन्तर्गत पाँच दिवसीय संस्कृति उत्सव 2025-26 का आयोजन कार्यक्रम स्थल- गुरूनानक भवन सिद्धगीरीबाग रोड, सिगरा, वाराणसी में 11 से 15/02/2025 तक किया गया। इस संस्कृति उत्सव 2025-26 में वाराणसी के 9 व्याख्या केन्द्रों के कुल 180 छात्र-छात्राओं ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य, रंगमंच तथा दृश्य कला (चित्रकला) की चार विधाओं में विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। विशेषज्ञ प्रशिक्षक अम्रदिता मैत्रा बनर्जी हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, पूर्णिमा पाण्डेय शास्त्रीय नृत्य, संघर्ष प्रताप मौर्य- रंगमंच तथा खुशबू उपाध्याय सोनी- (चित्रकला विशेषज्ञ) प्रशिक्षक द्वारा वाराणसी के विभिन्न व्याख्या केन्द्रों, जिनके नाम वाराणसी के संतो एवं महापुरूषों के नाम पर आधारित है, के माध्यम से निर्धारित विषयों पर प्रशिक्षित छात्राओं द्वारा अपने-अपने कार्यकम की आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियां छात्र-छात्राओं से कराई गई।



प्रत्येक केन्द्र ने अपने-अपने विषय के अनुरूप उत्कृष्ट कार्यकम प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। Cultural Resources and Training (CCRT), संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा नामित क्षेत्राधिकारी डा० रजनीश कुमार सिंह अधिकारी की देखरेख एवं मार्गदर्शन में सम्पूर्ण कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होने सभी 9 व्याख्या केन्द्रों का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया।
विशेष रूप से गुरूनानक खालसा बालिका इण्टर कालेज का धन्यवाद ज्ञापित किया। जिनके सहयोग से इस कार्यशाला का सफल आयोजन संभव हो सका। कार्यशाला के नोडल अधिकारी राहुल गोस्वामी ने संपूर्ण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को अत्यंत बारीकी से देखते हुए दिन-रात परिश्रम कर उत्कृष्ट एवं सुव्यस्थित आयोजन सुनिश्चत किया। उनके कुशल समन्वय से सभी व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Director Institute of Fine Arts Gangapur Varanasi अवधेश कुमार सिंह रहे। अपने संबोधन में उन्होने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यालय के Manager सरदार परमजीत सिंह अहलुवालिया, Director जगजीत कौर, प्रधानाचार्या सुमेधा, Dean Art and Culture Kashi Vidyapith सुनिल विश्वकर्मा, उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रबंधक परमजीत सिंह अहलुवालिया ने अपने संबधोन में कहा कि विद्यालय सदैव शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व देता है और भविष्य में भी CCRT के सहयोग से ऐसे कार्यकम आयोजित करता रहेगा। विद्यालय की डायरेक्टर जगजीत कौर Cultural Resources and Training (CCRT), संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि CCRT संस्कृति मंत्रालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग से कार्यशाला का सफल आयोजन हमारे लिए गौरव का विषय है। इस प्रकार के कार्यकम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने तथा उन्हे राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर से जोडने का कार्य करते है। संस्था सदैव विद्यार्थियों के हित में ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करती रहेगी। इस परियोजना के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का आवसर प्राप्त हुआ है।
प्रधानाचार्या सुमेधा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यकमों में भारतीय कला, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढती है। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
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