बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

BHU और SAI इंस्टिट्यूट के बीच जनहित आधारित नवाचार सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

महिला उद्यमिता व कौशल विकास को मिलेगी गति 

बीएचयू टीम का साईं इंस्टिट्यूट परिसर में भ्रमण



dil india live (Varanasi). बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति के मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय और समुदाय के बीच समन्वित विकास के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, बीएचयु के बायोनेस्ट एवं रूरल डेवलपमेंट विभाग की विशेषज्ञ टीम ने आज साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, बसनी, वाराणसी का भ्रमण किया। इस विज़िट का उद्देश्य विश्वविद्यालय की अकादमिक विशेषज्ञता और साईं इंस्टिट्यूट के जमीनी अनुभव को जोड़ते हुए महिला उद्यमिता, कौशल विकास एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन हेतु संयुक्त सहयोग मॉडल विकसित करना है।

टीम ने संस्थान में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों का अवलोकन किया, जिनमें महिला उद्यमिता प्रशिक्षण, हर्बल एवं प्राकृतिक उत्पाद निर्माण, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल मार्केटिंग, सूक्ष्म उद्यम प्रबंधन तथा ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं के लिए कौशल विकास पहल शामिल हैं।


ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा तकनीकी मार्गदर्शन

बैठक के दौरान बीएचयु और साईं इंस्टिट्यूट के मध्य एक शैक्षणिक एवं जनहित आधारित एमओयु  एक नॉन-कमर्शियल डेमो एवं लर्निंग आउटलेट की स्थापना, तथा संयुक्त अकादमिक–फील्ड प्रोजेक्ट्स पर विस्तृत चर्चा हुई, जिससे BHU के विद्यार्थियों को फील्ड एक्सपोज़र, इंटर्नशिप एवं रिसर्च के अवसर मिलेंगे, वहीं ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी मार्गदर्शन एवं बाज़ार से जुड़ाव प्राप्त होगा।

साईं इंस्टीट्यूट के निदेशक  अजय कुमार ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के नवाचारों को वैज्ञानिक एवं अकादमिक पहचान दिलाना है। BHU जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के साथ यह सहयोग ज्ञान और जमीनी उद्यमिता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा, जिससे महिलाओं की आजीविका और आत्मनिर्भरता दोनों सशक्त होंगी।”


बीएचयु टीम का नेतृत्व कर रहे बायोनेस्ट के मुख्य समन्वयक प्रोफेसर राजेश्वर प्रसाद सिन्हा ने कहा, “यह पहल विश्वविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व भावना को मजबूत करती है। विद्यार्थियों को वास्तविक फील्ड एक्सपोज़र, रिसर्च और सामुदायिक नवाचारों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा। यह विश्वविद्यालय–समुदाय साझेदारी का एक उत्कृष्ट मॉडल बन सकता है।”

 बीएचयु टीम में रूरल डेवलपमेंट के हेड एवं प्रोफ़ेसर अलोक पाण्डेय, बीएचयु के सहायक रजिस्टार हरीश श्रीवास्तव, बायोनेस्ट के मुख्य साइंसफिटिक ऑफिसर डॉ दुर्गेश कुमार सिंह, विश्वनाथ शुक्ला आदि लोग उपस्तिथ रहे. यह पहल “ज्ञान से समाज” की अवधारणा को साकार करते हुए समावेशी विकास एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

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