रविवार, 15 फ़रवरी 2026

Urdu work Shop में उर्दू के प्रति दिखी दीवानगी, बताया इसे हिंद की भाषा

 डायट चंदौली में तीन दिवसीय उर्दू प्रशिक्षण का हुआ समापन





dil india live (Chandoli). ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान  सकलडीहा (चंदौली) में आयोजित तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण के अंतर्गत जनपद के उर्दू शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का समापन  हुआ। यह वर्क शॉप 12 फरवरी को डायट प्राचार्य बिकायल भारती द्वारा प्रशिक्षण का उद्घाटन किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में प्राचार्य ने सभी शिक्षकों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि जिस प्रकार हिंदी, बांग्ला, तमिल, तेलुगू हमारे देश की भाषाएं हैं उसी प्रकार उर्दू भी हमारे मुल्क के प्रमुख भाषा है जिसके सीख लेने से हमारी बात चीत का अंदाज और खूबसूरत हो जाता है। और लोग हमें ध्यान पूर्वक सुनते हैं। उन्होंने आगे कहा के आप सभी शिक्षकों की नियुक्ति उर्दू विषय पर हुई है इसलिए विद्यालय में उर्दू विषय के शिक्षण पर भी आप सभी विशेष ध्यान दें और अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करें। 

प्रशिक्षण के नोडल प्रभारी डॉ अजहर साईद ने प्रशिक्षण के सत्रों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा  करते हुए संदर्भ दाताओं का परिचय भी कराया के इस प्रशिक्षण में मुख्य रूप से रिमेडियल टीचिंग पाठ योजना और शिक्षण योजना में अंतर एवं कक्षा में उनका प्रयोग, ,(अफ़शां रूमानी) टी एल एम निर्माण,(इरफान अली मंसूरी) उर्दू गद्य एवं पद्य की विभिन्न विधाओं का कक्षा में शिक्षण, (डॉ अज़हर साईद) उर्दू शिक्षण में आई सी टी का प्रयोग , (शफाअत अली) उर्दू नज़्म की तदरीस (शाह आफताब आलम) द्वारा सत्र लिया गया।

प्रशिक्षण के तीसरे एवं अंतिम दिन सत्र समाप्ति के पश्चात काव्य गोष्ठी एवं मुशायरा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता डायट प्राचार्य ने की। इस काव्य गोष्ठी मे केवल जनपद चंदौली के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों अपनी रचनाएं प्रस्तुत की मुख्य रूप से सुरेश अकेला, गौहर बनारसी, ज़िया अहसनी, शमसुद्दीन शमस, नदीम ग़ाज़ीपुरी, महफ़ूज़ा  खातून क़सीमुद्दीन तथा शफात अली ने अपनी कविताओं गज़लों और मुक्तकों से समां बांधा। कार्यक्रम का संचालन डॉ अज़हर साईद ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री इम्तियाज़ अहमद खां, इरफान, इमरान, आयशा बनो, नाज़नीन, क़मर जहां, रज़ा मुराद, मुनव्वर हुसैन सहित  सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

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