मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

Behraich ki हमना आफताब ने महज़ 6 साल में मुकम्मल किया नाज़रा कुरआन

कुरआन हम सबको सीधे और सच्चे रास्ते पर चलने को प्रेरित करता है-मुफ्ती जियाउद्दीन




dil india live (Behraich). बहराइच के नाजिरपुरा नई बस्ती मुहल्ले में रहने वाले मास्टर आफताब की बेटी हमना आफताब ने 6 साल में नाज़रा कुरआन मुकम्मल करके अपने वालिदैन (माता– पिता), दादा, और रिश्तेदारों का नाम रौशन किया है। इनके पिता आफताब ने कहा कि इसका श्रेय खुदा के साथ साथ इनके उस्ताद हाफिज अहमद को जाता है जिन्होंने कुरआन शरीफ को सही, तरतीब तरतील और अच्छे ढंग से बेहतरीन अंदाज में पढ़ना सिखाया। हमना के दादा (भूतपूर्व डिप्टी बीएसए) नियाज़ अहमद ने दुआ देते हुए कहा कि बेटी को खुदा अपनी हिफाजत में रखे और नेक ख्वाहिशात की दरखास्त की। मेहमानों में मदरसा नुरुल उलूम के हिफ़्ज के उस्ताद कारी वहीदुद्दीन ने खत्म कुरआन मुकम्मल कराया और फिर उनके सुपुत्र मुफ्ती जियाउद्दीन ने कुरआन की रोशनी में मौजूद लोगों को कुरआन की अहमियत और उसकी बरकत पर रौशनी डालते हुए कहा कि कुरआन हम सबको सही और सीधे रास्ते पर चलने को प्रेरित करता है, कहा कि कुरान का सही पढ़ना सवाब तो है ही साथ कुरआन को देखना सवाब है, उसको छूना भी सवाब है।



इनकी रही खास मौजूदगी 
इस अवसर पर मौलाना कलीम हाफिज अनस, नफीस अहमद, फ़ैज़ानुल हक, अब्दुल लतीफ, कलीमुद्दीन, शफीकुद्दीन, तौहीद, तौसीफ, उवैस, ताहा आफताब, हुजैफा इत्यादि के अलावा काफी लोग भी मौजूद थे।

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