विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं बल्कि प्रायोगिक ज्ञान भी होना बेहद जरूरी -नीरज श्रीवास्तव
dil india live (Varanasi). 19 फरवरी, 2026 को वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई: 3 द्वारा सप्त दिवसीय शिविर के अंतर्गत ”आत्मनिर्भरता एवं रोजगार क्षमता के लिए कौशल विकास ” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पूनम वर्मा की अगुवाई में हुआ। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भरता एवं रोजगार क्षमता के लिए कौशल विकास के प्रति जागरूक करना तथा रोजगार के विभिन्न आयामों की जानकारी के साथ स्वयं सेविकाओं को प्रशिक्षित करना था। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका समझाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वक्ता नीरज श्रीवास्तव (young skilled India, CEO, Founder) उन्होंने एक बहुत ही नये विषय Converting Subject Knowledge into Business Management Skills (NEP) के अंतर्गत स्वयं सेविकाओं को प्रबंधन एवं व्यापार के बिच सम्बन्ध को बहुत ही बारीकी से स्पष्ट करते हुए बताया की छात्राएं जो भी विषय पढ़ रही हैं चाहे वो किसी भी धारा की हो अपने प्राप्त ज्ञान को प्रबंधन में प्रयोग करके एक सफल व्यापारी या निजी संस्था में भी हम भूमिका निभा सकती हैं। नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं बल्कि प्रायोगिक ज्ञान जैसे कौशल ज्ञान ,व्यक्तित्व विकास,आत्मविश्वास तथा व्यापार प्रबंधन की आवश्यकता हैं, आज का युवा पढ़ा लिखा बेरोजगार हैं जहां वो कई सारे परेशानियों को जीवन में ना केवल सामना कर रहा हैं बल्कि कौशल की कमी के कारण वो आय के श्रोत भी नहीं बना पा रहा हैं। Yong skilled India भारत सरकार के द्वारा एक प्रमाणित स्टार्टअप हैं जहाँ हजारों की संख्या में युवाओं के कौशल विकास और व्यक्तित्व विकास, के द्वारा सफलता प्राप्ति में सहयोग प्राप्त हुआ हैं।





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