शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

राष्ट्रीय मॉडल के रूप में विकसित होगा “RWTP सेंटर फॉर रूरल इनोवेशन, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी एवं एआई”

बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत के मार्गदर्शन में हुई पहल, 20 अप्रैल को प्रस्तावित है उद्घाटन 

                                                                                 





dil india live (Varanasi). ग्रामीण नवाचार एवं तकनीकी सशक्तिकरण को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिरूप के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में 

साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, बसनी, वाराणसी में “आरडब्ल्यूटीपी (RWTP) सेंटर फॉर रूरल इनोवेशन, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी एवं एआई” का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। केंद्र का उद्घाटन 20 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है।

यह केंद्र पूर्व में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से वर्ष 2018–2020 के दौरान स्थापित उत्तर प्रदेश के प्रथम रूरल वीमेन टेक्नोलॉजी पार्क का उन्नत एवं संस्थागत स्वरूप है। परियोजना अवधि पूर्ण होने के पश्चात भी साईं इंस्टीट्यूट द्वारा अपने संसाधनों से इस पहल का सतत संचालन किया जाना संस्था की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता एवं आत्मनिर्भर विकास दृष्टि को दर्शाता है।

एक वार्ता में साईं इंस्टीट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना नहीं, बल्कि वाराणसी से ग्रामीण भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार आधारित एक सशक्त और प्रतिरूपणीय मॉडल विकसित करना है। निर्माण कार्य प्रगति पर है और शीघ्र पूर्ण कर 20 अप्रैल 2026 को इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। यह केंद्र ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर उद्यमिता की दिशा में अग्रसर करेगा।”

प्रस्तावित केंद्र में आधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना, डिजिटल कनेक्टिविटी एवं उन्नत तकनीकी सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। यहाँ सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई, डिजिटल स्किलिंग, प्राकृतिक खेती, स्वच्छ ऊर्जा (बायोगैस सहित) एवं उद्यमिता विकास से संबंधित समेकित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थापित यह केंद्र विज्ञान–प्रौद्योगिकी–नवाचार आधारित ग्रामीण परिवर्तन का एक सशक्त मंच सिद्ध होगा, जिसे भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तारित करने का लक्ष्य है।

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