कल शाबान की पहली तारीख़, 15 वीं शाबान को रहेगी शबे बरात
- मोहम्मद रिजवान
dil india live (Varanasi). बनारस में 30 वीं के चांद के दीदार संग शाबान का मुक़द्दस महीना शुरू हो गया। इससे पहले 29 वीं रजब का चांद सोमवार को नहीं दिखा था, मंगलवार को चांद के दीदार के साथ शाबान का महीना शुरू हो गया।
इसी के साथ शाबान की 15 वीं तारीख शबे बरात होगी। शाबान की 14 तारीख 3 फरवरी का पूरा दिन गुज़ार कर जो शब आएगी वो शबे बरात होगी। इस दौरान रौशनी के बीच इबादतगाह और कब्रिस्तान जहां जायरीन से गुलजार होंगे, वहीं लोगों का हुजूम फातेहा पढ़ने व दुआएं मगफिरत के लिए बुजुर्गों के दर पर उमड़ेगा। यह सिलसिला पूरी रात चलेगा।
दरअसल इस्लाम में शब-ए-बरात की खास अहमियत है। इस्लामिक कैलेंडर के आठवां महीना शाबान का महीना है। इस महीने की 14 तारीख का दिन गुजार कर जो शब आती है उस 15 वीं शब की रात में शब-ए-बरात मनाया जाता है। आज रात मंगलवार को देश भर में 30 रजब के चांद के दीदार संग शाबान का महीना शुरू हो गया और इसी के साथ शबे बरात की तैयारियां शुरू हो जाएगी।
क्या है शब-ए-बरात का महत्व
शब-ए-बरात एक महत्वपूर्ण महीना है शाबान के ठीक एक माह बाद पाक रमजान शुरू होता है। शाबान नबी का और रमजान अल्लाह का महीना है। शब-ए-बरात इबादत, फजीलत, रहमत और मगफिरत की रात मानी गई है। इसीलिए तमाम मुस्लिम रात भर इबादत करते हैं और अल्लाह से अपने पुरखों की मगफिरत की दुआएं मांगते हैं। तीन फरवरी की शाम को मगरिब की अजान होने के साथ शब-ए-बरात मनाया जाएगा, यह सिलसिला फजर की नमाज तक चलेगा। इस दौरान काफी लोग शाबान का नफिल रोजा भी रखते हैं। जो लोग रोज़ा रहेंगे वो अल सहर सहरी करके रोज़ा रहेंगे।



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