पारंपरिक हस्तकला को आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर दिया बल
dil india live (Varanasi). राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत आयोजित 7 दिवसीय शिविर कॉम्पोज़िट विद्यालय, शिवपुर में 27 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे शुरू हुआ। कैंप में कुल 50 एनएसएस स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव कर रही थीं। प्रथम दिवस के प्रातःकालीन सत्र का आरंभ एनएसएस तालियों (NSS Clap) एवं लक्ष्य गीत के सामूहिक गायन के साथ किया गया। इससे स्वयंसेवकों में उत्साह, अनुशासन एवं एकता की भावना का विकास हुआ। इसके पश्चात् प्रथम दिवस की विशेषज्ञ मानसी संस्थान की प्रशिक्षक पूजा सेठ का परिचय स्वयंसेवकों से कराया गया।
पूजा सेठ ने स्वयंसेवकों को डाई क्राफ्ट एवं रेज़िन आर्ट के महत्व से अवगत कराया तथा पारंपरिक हस्तकलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर बल दिया। इसके उपरांत उन्होंने बांधनी कला, जिसे टाई एंड डाई कला (Tie and Dye Art) के नाम से भी जाना जाता है, का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण तीन चरणों में संपन्न किया गया। प्रथम चरण में कपड़े पर डिज़ाइन के अनुसार गांठ बाँधने (नॉट मेकिंग) की प्रक्रिया सिखाई गई। द्वितीय चरण में कपड़े को पानी में गीला किया गया, जिससे रंग कपड़े में अच्छी तरह समा सके। तृतीय चरण में रंगों के चयन एवं संयोजन के बाद रंग भरने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई तथा रंगे हुए कपड़ों को सूखने के लिए रखा गया। इस सत्र के दौरान स्वयंसेवकों ने अत्यंत रुचि एवं उत्साह के साथ भाग लिया।
प्रातःकालीन सत्र के पश्चात् अपराह्न सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का कार्य किया गया। एनएसएस स्वयंसेवकों ने कक्षाओं, प्रांगण, गलियारों एवं आसपास के क्षेत्रों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। यह गतिविधि श्रमदान, सामाजिक जिम्मेदारी एवं स्वच्छता के महत्व को समझाने में सहायक रही।
अपराह्न सत्र के दौरान सभी एनएसएस स्वयंसेवकों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। सभी स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया, जिससे आपसी सहयोग एवं अनुशासन की भावना को बढ़ावा मिला।
इस सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव ने पूजा सेठ का धन्यवाद दिया। कहां कि पूजा ने अपने अनुभव एवं मार्गदर्शन से स्वयंसेवकों को पारंपरिक कला का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया। सभी ने कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के लिए भी विशेष आभार व्यक्त किया। अंत में, सभी एनएसएस स्वयंसेवकों के अनुशासन, उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।






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