रोज़ी रोटी में बरकत को मुस्लिम घरों में इमाम जाफर सादिक की हुई नज़र
Mohd Rizwan
dil India live (Varanasi). Desh Duniya की तरह ही वाराणसी के मुस्लिम इलाकों में इमाम जाफर के कुंडे की फातेहा कराने और फातेहा का तबर्रुक चखने लोग उमड़े। हज़रत इमाम जाफर सादिक की फातिहा सुबह फज्र की नमाज के बाद से ही शुरू हो गई। जिसके बाद अकीदतमंद घरों में फातिहा का तबर्रुक चखने के लिए पहुंचने लगे। इसे लेकर बच्चों में ज्यादा ही उत्साह देखने को मिला। लोगों का मानना है कि इमाम जाफर सादिक ने रोजी-रोटी में बरकत के लिए इस नजर (फातिहा) के बारे में कौम से कहा था। तभी से यह फातिहा करायी जाती है। इस्लामिक कैलेण्डर के रजब माह की 22 तारीख को 1444 हिजरी से इस फातेहा की शुरुआत हुई।
मुस्लिम इलाकों में रही रौनक
बनारस के मुस्लिम बहुल इलाकों में सोमवार को खासी रौनक रही। मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, नई सड़क, दालमंडी, भेलूपुर, गौरीगंज, शिवाला, रामनगर, अर्दली बाजार, प्रहलाद घाट, कुदबनशहीद, नक्खीघाट, लल्लापुरा, दरगाहे फातमान, काली महल, रामनगर, लाट सरैया में सुबह से शाम कुंडे का आयोजन समाचार लिखे जाने तक चल रहा था।
घरों में लज़ीज़ पकवानों का दौर
कूंडे का पर्व हर वर्ष 22 रजब को छठवें इमाम हज़रत इमाम जाफर सादिक की नजर व फातिहा के साथ मनाया जाता है। इसमें घरों में लज़ीज़ पकवानों का दौर चलता है, खीर-पूड़ी, मीठी टिकिया, जलेबी और कई तरीके के पकवान बनाए जाते हैं। इस फातिहा में रोजी-रोटी में बरकत के लिए रब की रहमत व देश और दुनिया में अमन के लिए इस फातिहा के दौरान दुआएं मांगी जाती है।


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