शनिवार, 3 जनवरी 2026

Varanasi में हज़रत अली की पैदाइश Ali Day पर निकला जुलूस

फिज़ा में बुलंद हुआ या अली मौला, हैदर मौला...की सदाएं 

धर्मगुरुओं के साथ लाल झंडा लिए शामिल हुए मोमिनीन




Sarfaraz/Rizwan 

dil india live (Varanasi). पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद (स.) के दामाद हजरत अली की जयंती देश दुनिया में अकीदत के साथ मनाई जा रही है। इस मौके पर शहर बनारस के टाउनहाल स्थित गांधी भवन से भव्य जुलूस शनिवार को निकाला गया। हज़रत अली समिति द्वारा निकला गया यह जुलूस दोपहर बाद लल्लापुरा स्थित दरगाह फातमान में पहुंच कर समाप्त हुआ। इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।जुलूस में शिया समुदाय के लोग 'मुबारक हो... मुबारक हो... अली वालों मुबारक हो...' का नारा लगाते चल रहे हैं। उधर पितर कुंडा में अली डे केक काटकर अकीदत के साथ मनाया गया। आयोजन में आए लोगों का इस्तेकबाल शकील अहमद जादूगर कर रहे थे।





वहीं टाउनहॉल से जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में जुलूस मैदागिन, नीचीबाग, चौक, दालमंडी, नई सड़क, शेख सलीम फाटक, कालीमहल, पितरकुंडा, लालपुरा होता हुआ दरगाह फातमान पहुंचा, जहां सेमिनार हुआ। रास्ते भर अली अली का नारा लोग बुलंद करते दिखें। कई ओलामा ने रास्ते में हजरत अली की शख्सियत के बारे में लोगों को तकरीर के ज़रिये बताया तो शायरों ने कलाम पेश किया।

इस मौके पर खुसूसी मेहमान मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी एसबी प्रोफेसर रमेश चंद नेगी (तिब्बती विश्वविद्यालय), प्रोफेसर मोहम्मद आरिफ, मौलाना तहजीबुल हसन (इमाम-ए-जुमा रांची, मौलाना फैज अस्करी, मौलाना अकील हुसैनी बनारस, मौलाना फिरोज अली (तंजीम उल मकातिब लखनऊ), मौलाना तौसीफ इमाम ए जुमा अर्दली बाजार, मौलाना हैदर अब्बास गोपालपुर, मौलाना जायद हसन बनारस, मौलाना वसीम रिजवी, मौलाना इकबाल, प्रोफेसर अजीज हैदर, प्रोफेसर अब्बास मुर्तजा शम्सी, सैयद मोहम्मद जाफर एडवोकेट, अब्बास रिजवी शफक, फिरोज हुसैन, शामिल रिज़वी, मौलाना अमीन रिज़वी और क़ौम के मनिंद लोग शामिल रहे।

सेमिनार में दिया गया अवार्ड 

सेमिनार में लोगो को अवॉर्ड से नवाजा गया। इसमें दुर्रे नजफ़ अवॉर्ड क़ौम के दो मनिंद लोगों को दिया गया तो बाबुल इल्म अवॉर्ड दो बच्चों फरहा फातमा और मरियम फात्मा को दिया गया। वेलायत-ए-अली अवॉर्ड अंजुमन जाफ़रिया क़दीम बनारस को दिया गया मद्दहे अली अवार्ड शाद सिवानी और फैज़ अस्करी, ज़ैन बनारसी को दिया गया। प्रोग्राम की सदारत अयातुल्लाह शमीमुल मिल्लत, प्रिंसिपल जावदिया कॉलेज बनारस ने की तो निज़ामत डॉ. शफीक हैदर ने की। हज़रत अली समिति के सदर मौलाना ज़मीरुल हसन ने करते हुए लोगों का शुक्रिया अदा किया।

हजरत अली से सीख ले दुनिया 

जुलूस और जश्न में जव्वादिया अरबी कालेज के मौलाना जमीरूल हसन ने बताया कि 13 रजब को जनशीने रसूल अली इब्ने अबुतालिब की पैदाइश हुई है। उसी का जश्न आज मुस्लिम समुदाय मना रहा है। ये वो अजीम शख्सियत हैं जिन्होंने अपने दौरे हुकूमत पर इंसाफ की हुकूमत की और किसी पर जुल्म नहीं किया। जब अरब में बादशाह जुल्म करने के लिए जाने जाते थे। उस वक्त एक ऐसी मिसाल कायम की जो कयामत तक लोगों के लिए मिसाल है। उन्होंने कभी किसी चीज का हल जंग या तलवार से नहीं निकाला बल्कि अमन, मोहब्बत और एकलाख से लोगों का दिल जीता।

दुनिया के सभी लोगों को मौलाना ज़मीरुल हसन ने पैग़ाम देते हुए कहा लोगों को आपसी भाईचारे के साथ जिंदगी गुजारनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हजरत अली की जिंदगी की रोशनी में आगे बढ़ना चाहिए और उन्हीं से सबक लेना चाहिए।


जुमे की शाम से शुरू हुआ था जश्न 

हजरत अली की यौम ए विलादत का सिलसिला जुमे की शाम से ही शुरू हो गया था। इस दौरान लोगों ने मस्जिदों, घरों व दुकानों में हज़रत अली की याद में फातेहा और नज़र दिलाई। 

उधर अर्दली बाजार स्थित ताहिर हुसैन के इमामबाड़े में महफिल सजी। शायरों ने हजरत अली की शान में कलाम पेश किए। नसीर आजमी, मीसम काजमी (लखनऊ), मौलाना इकबाल हैदर, नबील हैदर, नकी बनारसी, बेताब बनारसी, जैद आजमी, हम्ज़ा बनारसी सहित दर्जनों शायरों ने कलाम पेश किया। इस मौके पर मौलाना तौसीफ अली ने तकरीर किया तो संचालन हसन वास्ती और शुक्रिया जरियाफ मेहंदी ने किया। तनवीर मेंहदी, जफर अब्बास, अमीन रिजवी, हसन मेंहदी कब्बन, रियासत हुसैन, इकबाल हसन, डॉ. अब्दुल जावेद, फैजान हुसैन, ताबीर, रजा मेंहदी आदि मौजूद थे।

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