इंतजामिया कमेटी ने कहा किसी हाल में नहीं देंगे मस्जिद
Sarfaraz Ahmad
dil india live (Varanasi). वाराणसी के दालमंडी प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश के बाद चौड़ीकरण अभियान में कल बुलडोजर की एंट्री हो गई है. नई सड़क से दालमंडी की ओर जाने वाली गली के मुहाने पर खड़े तीन मंजिला मकान सी 1/24 को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान पहली बार बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। मुख्तार अहमद खान के नाम से ये मकान था जिसे वीडीए ने अवैध घोषित किया था।
इस कार्रवाई के साथ ही अब तक कुल दस भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 25 से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्री करा ली है और बीस से ज्यादा लोग रजिस्ट्री के लिए संपर्क में हैं। दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट पूरा कराने वाली कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी के एक्सईएन केके सिंह ने बताया कि हमें उम्मीद है कि इस हफ्ते हम पचास रजिस्ट्री पूरी कर लेंगे। 181 भवनों की लंबी फेरहिस्त है, लेकिन हम समय से ये प्रोजेक्ट पूरा करेंगे।
जब पीडब्लूडी के एक्सईएन केके सिंह से पूछा गया कि चौड़ीकरण की जद में आ रही आधा दर्जन मस्जिदों का क्या होगा तो इस पर केके सिंह ने कहा कि वाराणसी में हम 5 अलग-अलग जगहों पर चौड़ीकरण करा रहे हैं। इनमें पाण्डेयपुर से रिंग रोड, लहरतारा से बीएचयू, मोहनसराय रोड, पड़ाव से टेंगरा मोड़ और दालमंडी प्रोजेक्ट शामिल है। अभी तक कहीं भी धार्मिक स्थलों को लेकर कोई समस्या नही आई है। यहां भी नही आएगी।
उन्होंने आगे कहा कि सेंसेटिव मामलों में हम मामले की जानकारी ऊपर दे देते हैं और वहां से जैसा निर्देश आता है हम उसको फॉलो करते हैं। अभी तक चौड़ीकरण के मार्ग में जो भी धार्मिक स्थल आए हैं। हमने उनको वहां से शिफ्ट किए हैं या साइड से सड़क दे दी गई है। जैसा भी फैसला लिया जाएगा। हम उसको पूरा कराएंगे। मस्जिदों को लेकर एलाइनमेंट या विस्थापन, ऊपर से मिले निर्देश के बाद ही तय होगा।
इसके अलावा जब पीडब्लूडी के एक्सईएन केके सिंह से पूछा गया कि मस्जिदों को विस्थापित कहां करेंगे। इस पर केके सिंह ने कहा कि अगर कोई सरकारी जमीन मिलती है तो हम उस जमीन पर मस्जिदों को शिफ्ट करेंगे या कोई प्राइवेट व्यक्ति जगह देने को तैयार होता है तो इस पर भी हम तैयार हैं, लेकिन जो भी फैसला होगा वो ऊपर से होगा। हमने ग्राउंड रियलिटी से अवगत करा दिया है।
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने किया इनकार
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के जॉइंट सेक्रेटरी मोहम्मद यासीन ने मीडिया से कहा कि दालमंडी में बुलडोजर चलाकर प्रशासन दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे हम डरने वाले नही हैं। हम किसी कीमत पर अपनी मस्जिद नही देंगे। चौड़ीकरण हो या ना हो। दालमंडी प्रोजेक्ट पूरा हो या ना हो हम अपनी मस्जिद नहीं देंगे। मोहम्मद यासीन ने बताया कि छह मस्जिदों में से दो पर स्टे हैं। इनमें लंगड़े हाफिज और निसारन मस्जिद शामिल हैं, जिन पर स्टे है। हम किसी हाल में ये मस्जिदें नहीं छोड़ेंगे।
गौरतलब हो कि दालमंडी के चौड़ीकरण की जद में जो छह मस्जिदें आ रही हैं उनमें मस्जिद करिमुल्ला बेग, संगेमरमर मस्जिद, मस्जिद अली रजा, मस्जिद रंगीले शाह, मस्जिद निसारन और जामा मस्जिद लंगड़े हाफिज शामिल है।
चौक से दालमंडी की ओर जाते समय करिमुल्ला बेग मस्जिद है तो नई सड़क से चौक की तरफ जाने पर लंगड़े हाफिज मस्जिद मुहाने पर है। इसका सीधा मतलब है कि बिना मस्जिदों को शिफ्ट किए ये प्रोजेक्ट पूरा होगा नही और मस्जिद इंतेजामिया कमेटी किसी भी समझौते से इंकार किया है। ऐसे में क्या होगा अब? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।


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