यूजलेस बोतलों में भरा चटक रंग तो चहक उठी जिंदगी
इस अवसर पर स्वयंसेवकों के लिए कला एवं सृजनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। गतिविधि के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने क्ले आर्ट का अभ्यास करते हुए क्ले से गणपति प्रतिमा का निर्माण किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने अपनी कल्पनाशीलता, धैर्य एवं रचनात्मक कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इसके उपरांत कबाड़ से जुगाड़ कला में यूजलेस बॉटल पर आर्ट गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेवकों ने अनुपयोगी बोतलों में जब चटक रंग भरा तो मानो जिंदगी चहक उठी हो। इस दौरान क्ले की सहायता से अन्य आकर्षक कलाकृतियां भी तैयार की गई। इस गतिविधि का उद्देश्य पुनः उपयोग की भावना को प्रोत्साहित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना था। स्वयंसेवकों ने इस सत्र में अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव ने स्वयंसेवकों की रचनात्मकता एवं सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कला-आधारित गतिविधियां व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय चेतना को भी सुदृढ़ करती हैं। उनके प्रेरणादायक उद्बोधन के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के पंचम दिवस का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



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