संस्थान की प्रगति में नॉन-टीचिंग स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण- प्रो. रचना श्रीवास्तव
Varanasi (dil India live). VKM (वसंत कन्या महाविद्यालय) में आंतरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की ओर से गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए ‘सिर्फ 30 मिनट में करें अपनी सबसे बड़ी चुनौती का समाधान, व्यावहारिक उपकरणों के साथ’ (“Solve Your Biggest Challenge in Just 30 Minutes with Practical Tools”) विषयक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को कम समय में सुलझाने की युक्तियाँ और तकनीकें साझा करना था। कार्यक्रम का प्रारम्भ VKM की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रगति में नॉन-टीचिंग स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस प्रकार के वर्कशॉप को कर्मचारियों के व्यावसायिक विकास के लिए आवश्यक बताया।
वर्कशॉप का संचालन यंग स्किल्ड इंडिया के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जी.ए.एन. इंडिया के अध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने गैर शैक्षणिक कर्मचरियों को कार्यस्थल पर सरल लेकिन प्रभावशाली उपकरणों और रणनीतियों के प्रयोग से अधिक उत्पादकता प्राप्त करने की विधियों से परिचित कराया, जिनकी मदद से वे जटिल तकनीकी चुनौतियों को मात्र 30 मिनट में हल कर सकते हैं।
सत्र के अंत में कर्मचारियों को समूहों में बाँटकर रियल-टाइम समस्या समाधान गतिविधियाँ करवाई गईं, जिससे उन्हें सीखने के साथ-साथ समस्याओं को मिलकर हल करने का अनुभव भी मिला। सभी प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजकों ने प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के लिए सराहना व्यक्त की। इस अवसर पर IQAC के सदस्य उपस्थित रहे।
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