भाजपा सरकार के संरक्षण में जनता पर जबरन थोपा जा रहा प्रीपेड स्मार्ट मीटर- कांग्रेस
Mohd Rizwan
dil india live (Varanasi). उत्तर प्रदेश में स्मार्ट/प्रीपेड मीटर के नाम पर हो रहे जनता के घोर उत्पीड़न के खिलाफ आज UP के Varanasi में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। वाराणसी महानगर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में सिगरा स्थित अभियंता वितरण के कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस उत्पीड़न के खिलाफ अपनी सेवाएं जोरदार प्रदर्शन के साथ बुलंद की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के संरक्षण में बिजली विभाग आम जनता पर जबरन प्रीपेड/स्मार्ट मीटर थोप रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिगरा पेट्रोल पंप के समीप महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाल गंगाधर तिलक की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं संकल्प के बाद कांग्रेसी जुलूस के रूप में अभियंता (वितरण) कार्यालय की ओर कूच पहुंचे। जहां प्रदर्शन कर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।
उपभोक्ता को पता नहीं मीटर हो गया प्रीपेड
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा- प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट/प्रीपेड मीटर के नाम पर आम जनता का सुनियोजित आर्थिक शोषण किया जा रहा है। जो पूरी तरह जनविरोधी और असंवेदनशील नीति का परिचायक है। बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पुराने मीटर हटाकर जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। जिससे गरीब, किसान, मजदूर एवं मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय उन्हें असुरक्षा और अनिश्चितता के माहौल में धकेल रही है।
दिया जा रहा निजी कंपनी को लाभ
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के संरक्षण में निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह नीति लागू की गई है। जबकि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रीपेड मीटर प्रणाली में लगातार तकनीकी खामियां, गलत बिलिंग और रिचार्ज से जुड़ी परेशानियां सामने आ रही हैं। जिनका समाधान समय पर नहीं हो रहा है।
इस दौरान कांग्रेसियों ने अधीक्षण अभियंता को तीन सूत्रीय मांग पात्र सौंपा। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा -हमारी तीन सूत्रीय मांगों में सबसे पहली यह है कि; जबरन लगाए गए प्रीपेड/स्मार्ट मीटर तत्काल हटाए जाएं और पूर्व की व्यवस्था बहाल की जाए।
दूसरी नए कनेक्शनों में प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त की जाए। तथा तीसरी मांग है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इस जनविरोधी नीति को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी और सड़कों से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान प्रदेश महासचिव फसाहत हुसैन बाबू ने भी सभा को संबोधित किया।



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