शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

Ambedkar Nagar : किछौछा शरीफ़ में उर्स का आगाज़

हजरत सैयद मखदूम अशरफ सिमनानी के आस्ताने पर उमड़ा हुजूम




Mohd Rizwan 

dil india live (Ambedkar Nagar)। किछौछा शरीफ़ में हजरत सैयद मखदूम अशरफ सिमनानी के आस्ताने पर उर्स मनाया जा रहा है। उर्स में देश दुनिया के जायरीन फ़ैज़ उठा रहे हैं। इससे पहले 640 वें गुस्ल मुबारक की शुरुआत जुमेरात से हुई। शाम होते ही दरगाह परिसर का माहौल रूहानी रंग में रंग गया था। खान वाद-ए-अशरफिया से जुड़े लोगों और अकीदतमंदों में उर्स को लेकर उत्साह देखते ही बन रहा था। रात करीब 10 बजे से जलसे की शुरुआत हुई। पूरी रात आयोजन के बाद शुक्रवार भोर करीब चार बजे गुस्ल मुबारक की रस्म हुई। इसमें दरगाह के सज्जादानशीन सैयद मोहिउद्दीन अशरफ व सैयद मोहामिद अशरफ 51 घड़ा गुलाब और केवड़ा जल से मजार मुबारक को गुस्ल किया गया। उर्स में सभी मजहब के लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। शायद यही वो तहज़ीब है जिसे इतिहास हिंदुस्तानी तहज़ीब कहता है।

उर्स में उमड़ा जायरीन का सैलाब

कुल शरीफ, महफिल-ए-समां और लंगर के साथ हज़रत के उर्स का खुसूसी समापन हुआ। इस मौके पर आस्ताने पर सूफियाना कलाम की गूंज फिज़ा में जहां बुलंद हो रही थी वहीं तमाम लोगों ने चादरपोशी के साथ अमनो-मिल्लत और देश की तरक्की की दुआएं मांगी। इससे पहले उर्स में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह परिसर पहुंचे हुए थे। रात में होने वाले जलसे, तकरीर और सामूहिक दुआओं की तैयारियां दिन भर होती रहीं। अलग-अलग स्थानों पर इबादत का दौर जारी रहा। लोगों ने अनुशासन और अकीदत के साथ उर्स में हिस्सा लिया। माहौल में अमन और अकीदत का सुखद अहसास लोग महसूस कर रहे थे। शाम के समय दरगाह क्षेत्र में आपसी भाईचारे और एकता की झलक देखने को मिली। अलग-अलग जगहों से आए लोग एक साथ इबादत में शामिल हुए। सामूहिक दुआओं के दौरान माहौल और नूरानी हो गया। लोगों ने अमन और खुशहाली की कामना की। देर शाम जायरीन की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि जायरीन की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। गुस्ल मुबारक के दौरान तीन दिनों तक दरगाह में आस्था और श्रद्धा का माहौल बना रहेगा।

हज़रत मखदूम अशरफ की शिक्षाएं

सुल्तान हजरत सैयद मखदूम अशरफ की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए रहनुमाई (मार्गदर्शक) का काम करती हैं। उन्होंने प्रेम, भाईचारा, सहिष्णुता और इंसानियत का पैग़ाम दिया, जिसे अपनाकर समाज में अमन और मिल्लत की स्थापना की जा सकती है।

- सैयद नसीम अशरफ

जरूरतमंदों की मदद को अपना धर्म 

हजरत मखदूम अशरफ ने अपनी पूरी जिंदगी मानवता की सेवा में समर्पित कर दी। उन्होंने गरीबों, जरूरतमंदों और असहाय लोगों की मदद को अपना धर्म समझा और समाज में करुणा व सेवा की मिसाल प्रस्तुत की।

-सैयद मुहम्मद खालिद अशरफ

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