मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

VKM Varanasi में प्राचीन से लेकर 1857 का विद्रोह, विभाजन पर हुआ संक्षिप्त विमर्श

एसीपी ने साइबर अपराध को लेकर किया जागरूक 

पत्रकारिता, छायांकन, लेखन एवं संपादन पर हुई विभिन्न प्रतियोगिताएं



dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय के संसदीय क्लब ‘यथार्थ’ द्वारा “कालचक्र : अपनी प्रकार का प्रथम ऐतिहासिक संसदीय वाद-विवाद”, माय भारत पहल, युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया गया। यह आयोजन प्रागैतिहासिक से समकालीन समय रेखा पर आधारित था, जिसमें 6 समितियां: इम्पीरियल रॉयल कॉन्क्लेव, काउंसिल ऑफ कॉन्करर्स, इम्पीरियल काउंसिल ऑफ हिंदुस्तान, डॉन ऑफ डिफाइअंस, द पार्टिशन क्वेश्चन तथा त्रिकाल दर्शन सम्मिलित थी।

इन समितियों में प्राचीन सभ्यताओं से लेकर मुगलकाल, 1857 के विद्रोह और विभाजन तक के प्रमुख ऐतिहासिक विषयों पर संक्षिप्त एवं सारगर्भित विमर्श हुआ। त्रिकाल दर्शन के अंतर्गत पत्रकारिता, छायांकन, लेखन एवं संपादन से संबंधित प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. एनी बेसेंट को माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। इसके उपरांत संयोजक डॉ. सौमिली मंडल ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता एसीपी विदुश सक्सेना एवं अभिषेक वर्मा (विधि विशेषज्ञ एवं नीतिगत विश्लेषक) ने कार्यक्रम की विशिष्टता और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता पर अपने विचार साझा किए।


अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया तथा निर्णायकों का आभार व्यक्त किया गया। अध्यक्ष आस्था शर्मा, महासचिव पूर्वी अग्रवाल, रचनात्मक निदेशक त्रिशा बाजपेयी एवं मुख्य रणनीति अधिकारी अनुष्का मिश्रा ने टीम सहित सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया। संयोजक डॉ. सौमिली मंडल ने औपचारिक समापन की घोषणा की।

समापन अवसर पर डॉ. शांता चटर्जी, प्रो. मीनू पाठक, डॉ. शशिकला, डॉ. मंजू कुमारी, डॉ. नैरंजना श्रीवास्तव, डॉ. शशिकेश कुमार, डॉ. सिमरन सेठ, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. प्रतिभा यादव आदि उपस्थित थे।


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