गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

DAV PG College Main सूर्य उपासना के पुरा-सांस्कृतिक अध्ययन पर हुई चर्चा

भारतीय वास्तुकला और मूर्तिकला में सूर्य का स्थान अद्वितीय-डॉ. ओम प्रकाश


dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के छात्रमंच 'संस्कृति' के तत्वावधान में सूर्य उपासना का पुरा-सांस्कृतिक अध्ययन विषय पर अकादमिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. ओम प्रकाश कुमार ने संगोष्ठी में संस्कृति मंच के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए सुर्य उपासना के ज्योतिषीय महत्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष एवं संकाय प्रमुख प्रो. प्रशान्त कश्यप ने कहा कि भारतीय वास्तुकला और मूर्तिकला में सूर्य का स्थान अद्वितीय है। 


     संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने शैल चित्रकला में सूर्य उपासना, सिंधु-सरस्वती सभ्यता की मुहरों पर स्वस्तिक और सूर्य के प्रतीकों की वैज्ञानिकता, वैदिक काल में 'गायत्री मंत्र' और ऋग्वेद के सूक्तों का सस्वर पाठ, सूर्य को जगत की आत्मा, रामायण और महाभारत कालीन प्रसंगों, जैसे आदित्य हृदय स्तोत्र और भगवान कृष्ण के पुत्र साम्ब द्वारा सूर्य मंदिर निर्माण की कथाओं को ऐतिहासिक संदर्भ, पुरावशेषों के माध्यम से चित्रित धूसर मृदभांड संस्कृति काल एवं उत्तरी कृष्ण मार्जित मृदभांड काल संस्कृतियों के दौर में सूर्य उपासना, गुप्तोत्तर काल से लेकर राजपूत काल तक सूर्य मंदिरों के निर्माण, सूर्य मूर्ति निर्माण का विकास और सूर्य उपासना पद्धति, सूर्य मंदिर केवल पूजा के साथ खगोलीय गणनाओं के केंद्र आदि विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये । 

    कार्यक्रम में विभाग की डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. मनोज सिंह यादव, डॉ. ज्योति सिंह एवं डॉ. किस्मत कुमारी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की समीक्षा की और उन्हें सूक्ष्म ऐतिहासिक बारीकियों से अवगत कराया। संचालन छात्र आदर्श पांडेय, धन्यवाद ज्ञापन आँचल सिंह एवं रिपोर्ट सृष्टि जायसवाल द्वारा प्रस्तुत की गई।

कृषि मूल्य निर्धारण पर छात्रों ने रखे विचार

डीएवी पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के स्टूडेंट फोरम इको वॉइस में गुरुवार को कृषि के मूल्य निर्धारण की भूमिका और महत्व पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। छात्रा खुशी सिंह ने कृषि मूल्य निर्धारण का उत्पादन, उत्पादकता एवं किसानों की आय पर प्रभाव का विश्लेषण किया। छात्र आयुष राय ने न्यूनतम समर्थन मूल्य और क्षेत्रीय असमानता द्वारा कृषि विकास में चुनौतियों तथा साथ ही मुद्रा स्फीति एवं खाद्य संकट के समय कृषि मूल्य निर्धारण की भूमिका का विश्लेषण समझाया। परिचर्चा में दिव्य गट्टानी, नमिता, आकाश, मनीष ने अर्थनीति द्वारा अपने कार्यों के विश्लेषण को समझाया। आयोजन में विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार मिश्र, डॉ. मयंक कुमार सिंह, डॉ. सिद्धार्थ सिंह, डॉ.आहुति सिंह आदि शामिल रहे। संचालन डॉ. शालिनी सिंह ने किया।

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