शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अहम फैसले का स्वागत
Mohd Rizwan
dil india live (Varanasi). उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने प्रदेश भर की वक्फ संपत्तियों (औकाफ़) के डिजिटलीकरण को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किया हैं। बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) जीशान रिजवी द्वारा जारी आदेश के बाद, वाराणसी के कोऑर्डिनेटर सैयद एजाज़ हुसैन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए जिले के सभी संबंधितों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने की हिदायत दी है।
महत्वपूर्ण तिथियां और डेड लाइन
बोर्ड द्वारा जारी किए गए नए शेड्यूल के अनुसार, पोर्टल पर डेटा फीडिंग से लेकर अप्रूवल तक की प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है। 30 अप्रैल 2026 मेकर और मुतवल्लियों के लिए वक्फ संपत्तियों को ummed portal (उम्मीद पोर्टल) पर अपलोड करने की अंतिम तिथि, 05 मई 2026 चेकर्स द्वारा अपलोड की गई संपत्तियों के विवरण की जांच (Checking) पूरी करने की समय-सीमा, 05 जून 2026 सभी संपत्तियों को पोर्टल पर अंतिम रूप से अप्रूव (Approve) करने की अंतिम तिथि घोषित की गई है।
वक्फ न्यायाधिकरण के हस्तक्षेप से बढ़ी अवधि
विदित हो कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने पूर्व में 6 जून 2025 से 6 दिसंबर 2025 तक ही संपत्तियों को अपलोड करने का समय दिया था। हालांकि, निर्धारित समय में कार्य पूर्ण न हो पाने के कारण वक्फ न्यायाधिकरण ने इस प्रक्रिया के लिए 6 महीने का अतिरिक्त समय प्रदान किया था। कोऑर्डिनेटर सैयद एजाज़ हुसैन ने स्पष्ट किया है कि सभी मेकर, मुतवल्ली, चेकर्स और अप्रूवल्स को इस समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि "वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटलीकरण अनिवार्य है, इसलिए सभी अपनी जिम्मेदारी को समय रहते अंतिम रूप देना सुनिश्चित करें।


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