रविवार, 12 अप्रैल 2026

VKM Varanasi में “आर्ट ऑफ लेटर राइटिंग” विषयक दो दिवसीय कार्यशाला

छात्राओं ने किया टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी की फ्री-हैंड प्रैक्टिस



dil india live (Varanasi). art and education news Varanasi. वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी (VKM Varanasi) के चित्रकला विभाग एवं आर्टचिम आर्ट स्टूडियो व कला आश्रम, सुसुवाही, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में 10 एवं 11 अप्रैल, 2026 को “आर्ट ऑफ लेटर राइटिंग” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के की अगुवाई में हुआ जिसमें विषय विशेषज्ञ प्रखर दुबे ने व्यवहारिक कला के अंतर्गत विद्यार्थियों को अक्षर विन्यास, रेखा-संरचना तथा रचनात्मक प्रस्तुति के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को अक्षर लेखन की पारंपरिक एवं समकालीन विधाओं से परिचय कराते हुए उनमें रचनात्मक अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास करना था।


 

कार्यशाला के प्रथम दिवस में प्रतिभागियों को अक्षर लेखन की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराते हुए लेटर फॉर्म, स्ट्रोक्स, स्पेसिंग तथा कंपोजिशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों को टूल मेकिंग एवं बेसिक प्रैक्टिस का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे अक्षरों की संरचना को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ इस प्रशिक्षण में भाग लिया तथा अपने कौशल को निखारने का प्रयास किया।

द्वितीय दिवस 11 अप्रैल को टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी की फ्री-हैंड प्रैक्टिस कराई गई, जिसमें विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता के अनुसार अक्षरों के विभिन्न स्वरूपों पर कार्य करने का अवसर मिला। इसके उपरांत प्रतिभागियों ने टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी आर्ट की कृतियों को पूर्ण रूप प्रदान किया। कार्यशाला के समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों के कार्यों का प्रदर्शन किया गया तथा उनके कार्यों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा एवं समीक्षा भी की गई, जिससे विद्यार्थियों को अपने कार्यों में सुधार एवं परिष्कार का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के लिए न केवल तकनीकी ज्ञान अर्जित करने का माध्यम बनती हैं, बल्कि उनकी सृजनात्मक सोच, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ करती हैं। इस कार्यशाला की कार्यक्रम संयोजक के रूप में चित्रकला विभाग से डॉ. दीक्षा जयसवाल, डॉ. वर्षा सिंह तथा डॉ. नेहा वर्मा उपस्थित रहीं। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।

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