हमारी किस्मत हमारे हाथों में नहीं, बल्कि हमारे न्यूरॉन्स में
dil india live (Varanasi). वाराणसी वसंत कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवं मनोविज्ञान क्लब ‘मनस्विनी’ के संयुक्त तत्वावधान में “Spectrum 360: Embracing Neurodiversity” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. शुभ्रा सिन्हा के संबोधन से हुआ। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अरुण मौर्य एवं ज्योति सिंह, (संस्थापक Iconic Brain: Neurodevelopment Brain Mapping and Psychological & Career Mapping Assessment) ने न्यूरोडायवर्सिटी पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने ऑटिज़्म के कारणों, उपचार, वास्तविक जीवन के केस स्टडीज़ तथा मस्तिष्क की संरचना एवं कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “हमारी किस्मत हमारे हाथों में नहीं, बल्कि हमारे न्यूरॉन्स में होती है,” जिससे मस्तिष्क की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘Homework’ नामक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत विद्यार्थियों के साथ विचार-विमर्श सत्र आयोजित हुआ। साथ ही स्पेक्ट्रम विषय पर एक लघु प्रश्नोत्तरी (क्विज़) का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर डॉ. अंजू लता सिंह, डॉ. खुशबू मिश्रा, डॉ. शशि प्रभा कश्यप एवं डॉ. आरपी. सोनकर सहित सभी प्राध्यापकगण तथा 150 से अधिक उत्साही students उपस्थित थे।



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