सियासी संकट के दौर से गुज़र रहा मुख्तार का कुनबा
सजा के बाद छुट्टी में खुला सचिवालय, विधानसभा अध्यक्ष ने अब्बास की सीट की रिक्त, चुनाव आयोग को भेजी जानकारी
अब उमर अंसारी की सियासत में हो सकती है इंट्री, मऊ सीट पर रहेगी सभी की नज़र
- Sarfaraz Ahmad/Mohd Rizwan
Lucknow (dil India live). बाहुबली विधायक रहे मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी सियासी संकट के दौर से गुज़र रहे हैं। मुख्तार अंसारी की मौत के बाद भी उनके कुनबे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। हेट स्पीच मामले में कोर्ट से अब्बास अंसारी को शनिवार को सजा का ऐलान हुआ था इसके बाद आज रविवार को यूपी के मऊ से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की विधायकी औपचारिक तौर पर खत्म कर दी गई। इसके लिए रविवार को छुट्टी के दिन लखनऊ में सचिवालय खोला गया। यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सचिवालय पहुंचे और उन्होंने उनकी सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। चुनाव आयोग को इसकी सूचना भेज दी गई है। अब इस विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव पर सबकी नजर है। विकल्प के तौर पर मुख्तार कुनबा ऊपरी अदालत में तो जाएगा ही साथ ही अब्बास अंसारी के छोटे भाई उमर अंसारी की सियासी इंट्री के भी चांस बढ़ते दिखाई दे रहें हैं। हालांकि इसकी अभी कोई मजबूत पुष्टि नहीं हुई है।
हेट स्पीच में अब्बास को सजा, यह है पूरा मामला
शनिवार को गत विधानसभा चुनाव के दौरान नफरती भाषण देने और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के मामले मे फैसला सुनाया गया था। उस फैसले में अदालत ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में अब्बास अंसारी को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में दर्ज मामले में दोषी पाते हुए कोर्ट ने अब्बास अंसारी पर जुर्माना भी ठोंका है। इससे पहले मऊ जिले के सीजेएम डॉ. केपी सिंह ने मामले में पक्षकारों की बहस सुनने के बाद फैसला के लिए 31 मई की तिथि नियत की थी।
मंसूर अंसारी को भी कोर्ट ने दी सजा
इस मामले में अब्बास अंसारी के साथी अब्बास के चाचा मंसूर अंसारी को भी सजा सुनाई गई है। अब्बास अंसारी के साथ ही मंसूर अंसारी को भी धारा 120 बी भादवि के तहत 6 माह की सजा सुनाई है और एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
पूरा मामला मऊ के शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि बीते 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने हेट स्पीच दिया। नगर के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान उन्होंने कहा था कि मऊ चुनाव के बाद हिसाब-किताब होगा।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें