शुक्रवार, 27 मार्च 2026

VKM Varanasi की छात्राओं ने जाना ग्रीक कला के वर्गीकरण, उसके विकासक्रम का विस्तृत विवेचन

बताया “पश्चिमी कला में भौतिक सौंदर्य ही ले जाता है आध्यात्मिक सौंदर्य की ओर” 



dil india live (Varanasi). कमच्छा स्थित वसंत कन्या महाविद्यालय में चित्रकला विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे “Foundation of Western Art: In Special Reference of Greece and Rome” विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य वक्ता डॉ. अवधेश कुमार सिंह, निदेशक, आइफा रहे। इस व्याख्यान में पश्चिमी कला की आधारभूत अवधारणाओं, विशेषतः ग्रीक एवं रोमन कला की परंपराओं के माध्यम से कला और दर्शन के गहन अंतर्संबंधों पर सारगर्भित चर्चा की गई। 

मुख्य वक्ता डॉ. सिंह ने अपने व्याख्यान की शुरुआत पश्चिमी कला के परिचय से की। उन्होंने ग्रीक और रोमन कला की विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि पश्चिमी कला में यथार्थवाद के साथ-साथ भौतिकता का भी महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि “पश्चिमी कला में भौतिक सौंदर्य ही आध्यात्मिक सौंदर्य की ओर ले जाता है,” जो कला की गहनता और उसके दार्शनिक पक्ष को स्पष्ट करता है। साथ ही उन्होंने ग्रीक कला के वर्गीकरण से लेकर उसके विकासक्रम तक का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया। व्याख्यान के दौरान छात्राओं को पश्चिमी कला की संरचना, सौंदर्य-बोध तथा उसके दार्शनिक आधारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। 

कला और दर्शन एक-दूसरे के पूरक 
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने शिक्षाविद् एनी बेसेंट के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा के समग्र स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनी बेसेंट की शिक्षा-व्यवस्था केवल ज्ञान तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की पक्षधर थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कला और दर्शन एक-दूसरे के पूरक हैं- उन्होंने कौटिल्य के भारतीय चिंतन के साथ-साथ प्लेटो और अरस्तू जैसे पाश्चात्य दार्शनिकों केे भी चिंतन का उल्लेख किया।

इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ चित्रकला विभाग की अध्यक्ष डॉ. दीक्षा जायसवाल द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने अतिथियों एवं उपस्थित छात्राओं का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. वर्षा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन एवं समापन भाषण की प्रस्तुति की। इस अवसर पर डॉ. सुनीता दीक्षित, डॉ. नेहा वर्मा, अन्य शिक्षकगण एवं चित्रकला विभाग के बी.ए. तथा बी.एफ. ए. की सभी छात्राएं भी उपस्थित रही।


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