प्रभु यीशु मसीह के दुख भोग की यादें होंगी ताज़ा
dil india live (Varanasi). ईसाई धर्म का एक अत्यंत पवित्र सप्ताह जिसे दुख भोग सप्ताह या Holy Week कहते है, उसका आगाज़ 29 मार्च से होने जा रहा है। Holy Week का पहला दिन खजूर रविवार (Palm Sunday) है। यह पवित्र सप्ताह Palm Sunday शुरू होकर ईस्टर संडे (Easter Sunday) तक चलता है। पादरी आदित्य कुमार बताते हैं कि Palm Sunday प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में प्रवेश, उनके दुख भोग, क्रूस पर बलिदान और पुनरुत्थान के स्मरण का समय है, जो मानवता के प्रति उनके प्रेम और त्याग को दर्शाता है।
दुख भोग सप्ताह की मुख्य बातें
Palm Sunday: इस दिन प्रभु यीशु मसीह ने जब यरूसलेम में विजयी प्रवेश किया था तो वहां के लोगों ने यीशु का खजूर की डालियों से अभूतपूर्व स्वागत किया था। उसी याद को मसीही समुदाय हर साल खजूर इतवार या Palm Sunday मनाकर ताज़ा करता है।
पवित्र गुरुवार (Maundy Thursday): गुड फ्राइडे के एक दिन पूर्व प्रभु यीशु ने अपने 12 शिष्यों के साथ अंतिम भोज (Last Supper) किया था और शिष्यों का पैर धोया था। इस दिन का मसीही समुदाय में न सिर्फ खासा महत्व है बल्कि इस दिन की याद में पूरी दुनिया का मसीही समुदाय के धर्म गुरु पोप से लेकर बिशप तक अपने शिष्यों का पैर धोकर उस सैकड़ों साल पुरानी यादें ताज़ा करते हैं।
गुड फ्राइडे (Good Friday): यह वह दिन है जब प्रभु यीशु को कठोर सजा देने के बाद क्रूस पर चढ़ाया गया था जिससे उनकी मृत्यु हो गई। सबसे खास बात यह थी कि जिसने प्रभु यीशु मसीह को इतनी प्रताड़ना दी यीशु ने उसके लिए भी अपने अंतिम समय में माफ करने की प्रार्थना यह कहते हुए किया कि,हे प्रभु इन्हें क्षमा करें क्यों कि ये नहीं जानते ये क्या कर रहे हैं?
ईस्टर संडे (Easter Sunday): ये वो दिन है जब प्रभु यीशु मसीह पुनः धरती पर जी उठे थे। उनकी कब्र स्वत खुल गई थी। इस दिन को पुनरुत्थान दिवस या ईस्टर भी कहते हैं। यह दिन दुनिया भर में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। आज इतवार को जो छुट्टी होती है वो इसी खुशी में तय की गई है।



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