बुधवार, 11 मार्च 2026

Bishop house Main में जुटे रोजेदार, हुआ इफ्तार

वसुधैव कुटुंबकम् की हमारी परंपरा हमें दुनिया से अलग पहचान देती है-बिशप यूजीन



Varanasi (dil India live)। कैंटोंमेंट स्थित बिशप हाउस परिसर में जैसे ही अज़ान कि सदाएं, अल्लाह हो अकबर, अल्लाह...। फिज़ा में बुलंद हुई तमाम रोजेदारों ने एक ही दस्तरखान पर रोजा इफ्तार किया। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत सभी धर्म के लोग मौजूद थे। सभी ने काशी की गंगा-जमुनी तहजीब की इस रवायत को देखकर रमजान के मुकद्दस महीने में अल्लाह से मिल्लत व सलामती की दुआएं मांगी। बिशप हाउस में सजाए गए दस्तरखान पर ईसाई धर्मगुरुओं ने अपने हाथों से रोजेदारों के लिए थालियां परोसी। अजान होने के बाद रोजेदारों के साथ सभी ने खजूर, शर्बत, जूस, कटलेट आदि तमाम लज़ीज़ इफ्तारी का लुत्फ उठाया। नमाज मौलाना अब्दूल आखिर नोमानी ने अदा कराई। उन्होंने मुल्क हिन्दुस्तान में अमन, मिल्लत और सौहार्द की दुआएं मांगी। स्वागत फादर फिलिप डेनिस ने और शुक्रिया फादर थामस मैथ्यू ने किया। 

बिशप हाउस में इफ्तार पार्टी में शामिल रोजेदार 

भारत मिली जुली तहजीब का मुल्क

इस मौके पर "मेजबान धर्माचार्य बिशप यूजीन जोसेफ ने कहा कि भारत मिली जुली तहजीब का मुल्क है जहां सभी धर्मावलंबी आपस में प्रेम मुहब्बत और भाईचारे के साथ रहते हैं। हमें अपनी इस संस्कृति को बचाए रखना है। यही वसुधैव कुटुंबकम् की हमारी परंपरा हमें पूरी दुनिया से अलग पहचान देती है। यहां के व्रत त्योहार सबको समाहित करने की अपनी संस्कृति के कारण सदैव एकता का संदेश देते रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य भी परस्पर सामाजिक सद्भावना को बनाए रखना है। 


इनकी रही खास मौजूदगी 

अतहर जमाल लारी, बुनकर बिरादराना तंजीम बारहों के सरदार मकबूल हसन, सपा नेता सैयद नईम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फसाहत हुसैन बाबू, फिरोज खान मुन्ना, हाजी नासिर जमाल, मन्नू अंसारी, हाजी वकास अंसारी, बसपा नेता मोहम्मद शाहिद खान, इतिहासकार डॉ. मो. आरिफ, सेंट मैरीज कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट की प्रिंसिपल सिस्टर जमीला, फादर जोसेफ परेरा, फादर थामस, फादर सुनील, मो. अमीनुद्दीन, फादर कास्पर, वरिष्ठ पत्रकार एके लारी, नुरुल हसन खां, वरिष्ठ अधिवक्ता महफूज आलम एडवोकेट, अशफाक सिद्दीकी, राजीव पांडेय, डाक्टर हम्ज़ा, अब्दुल हकीम, मोहम्मद ज़ैद अख्तर सिद्दीकी, अमन, इशरत उस्मानी, सैयद सलमान हैदर, ज़ुबैर आदिल, शमीम अंसारी, मो. इस्माइल रज़ा समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।







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