गुरुवार, 26 मार्च 2026

प्रख्यात उस्ताद शायर Ahmad Hanifi का हुआ सम्मान

मुसीबत में मदद को जब कोई लड़की बुलाती है, मुझे महसूस होता है मेरी बेटी बुलाती है



dil india live (Varanasi).देश के मशहूर उस्ताद शायर अहमद हनीफी का शिक्षाविद फहीम अहमद (नेशनल इंटर कॉलेज पेलीकोठी के पूर्व प्रिंसिपल) के काजी सादुल्लाहपुरा स्थित आवास पर स्वागत और अभिनन्दन किया गया। इस मौके पर उन्हें यादगार तोहफे देकर सम्मानित किया गया।

सामाजिक संस्था " सुल्तान क्लब " के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक ने इन अशआर से उनका स्वागत किया कि, खुश आमदीद वह आया है हमारी चौखट पर, बहार जिस के क़दम का तवाफ करती है। आगे कहा कि ऐसा ही एक नाम जो बनारस की धरती पर बहुत तेजी से उभरा है और साहित्य के आसमान में छा गया है, वो नाम है अहमद हनीफी का। अहमद हनीफी साहब एक  उस्ताद शायर हैं जिनके बहुत सारे शागिर्द मौजूद हैं, वो अपनी कविताओं के जरिए लोगों का ध्यान खींचते हैं। उन्होंने कविता के ज़रिए देश, मातृभूमि और समाज को भी सुधारने का प्रयास किया है। आपका नाम भारत के मशहूर शायर कवियों में लिया जाता है। कविता पाठ व मुशायरों में आपको बड़े प्यार से सुना जाता है। आपकी कविताएँ लोगों की ज़बान पर गुनगुनाती रहती हैं। इस मौके पर, पेश हैं आपकी कुछ कविताएँ।

1. मुसीबत में मदद को जब कोई लड़की बुलाती है, मुझे महसूस होता है मेरी बेटी बुलाती है।

 हमारे गांव में अब भी रवादारी यह कायम है, चचा कह कर हमें कैलाश की बेटी बुलाती है।

2. शोहरत को मेरी देखकर मेरे ही दोस्त अब, फैला रहे हैं राह में पत्थर मेरे खिलाफ।

 सच बोलने की बच्चों को तालीम कैसे दूं , सच बोलने से जब हुआ घर-भर मेरे खिलाफ।

    इस मौके पर सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक, जनरल सेक्रेटरी एच. हसन नन्हे, शमीम रियाज, फैयाजुद्दीन, इरफानुल हक, आफताब आलम वगैरह मौजूद थे।

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