शुक्रवार, 13 मार्च 2026

Ramadan ka Paigham 23: Alvida alvida, mahe Ramza अलविदा, तेरे आने से दिल खुश हुआ था तेरे जाने से दिल रो रहा है

अलविदा जुमा पर मस्जिदों में नमाजियों का उमड़ा जनसैलाब 

दालमंडी नयी सड़क समेत मुस्लिम इलाकों व मस्जिदों के पास रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था



Sarfaraz/Rizwan

Varanasi (dil India live )। ऐ अल्लाह तू अपने हबीब के सदक़े में इस मुल्क में अमन और तरक्की दे, माहे रमज़ान के सदके और तुफैल में जो लोग परेशानहाल हैं उनकी परेशानी दूर कर, जो बेरोज़गार हैं उन्हें रोज़गार दे, जो बेऔलाद हैं उन्हें औलाद दे, जिसने रमज़ान में रोज़ा रखा दीगर‌ इबादतें की उसे कुबुल कर, और जो रोज़ा नहीं रख सकें उन्हें हिदायत दे, की वो आगे अपनी जिंदगी इबादत में गुजारे। 

अलविदा जुमे को नमाज़ के बाद मस्जिद कम्मू खां डिठोरी महाल में मौलाना अल्लामा जियाउल मुस्तफा साहब (शेरे नेपाल के साहबजादे) ने कुछ ऐसी ही दुआएं की तो तमाम लोग...आमीन, कह उठें। उन्होंने मुल्क में अमन मिल्लत और देश की तरक्की के लिए खुसूसी दुआएं मांगी। 

ऐसे ही मस्जिद लाटशाही में हाफिज़ हबीबुर्रहमान ने कहा कि रब के बताए हुए रास्ते पर चल कर ही हमें कामयाबी मिल सकती है। जो रास्ता नबी ने दिखाया वहीं रास्ता अमन, इल्म, इंसानियत और मोहब्बत का रास्ता है। जो इस रास्ते पर चलेगा वही दीन और दुनिया दोनों में कामयाब होगा। 


 इस दौरान शहर भर की तमाम मस्जिदों में अलविदा नमाज़ पर खुतबा पढ़ा गया...अलविदा, अलविदा माहे रमज़ा अलविदा, तेरे आने से दिल खुश हुआ था, तेरे जाने से दिल रो रहा है अलविदा, अलविदा माहे रमज़ां अलविदा...। 
उल्फत बीबी अर्दली बाज़ार में मौलाना साकिब रज़वी, मस्जिद मुग़लिया बादशाह में मौलाना हाफिज़ हसीन अहमद हबीबी, मस्जिद लंगड़े हाफिज़ में मौलाना ज़कीउल्लाह असदुल क़ादरी, मस्जिद शक्कर तालाब में मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारुकी प्यारे मियां, मस्जिद याकूब शहीद नगवां में हाफ़िज़ मोहम्मद ताहिर, मस्जिद बुलाकी शहीद अस्सी में मौलाना मुजीब, मस्जिद खाकी शाह में मौलाना मुनीर, जामा मस्जिद बक्शी जी अंधरापुल में मौलाना हकीमुद्दीन, मस्जिद पठानी टोला में हाफ़िज़ इमामुद्दीन, मस्जिद रंग ढलवां फाटक शेख सलीम में मौलाना जाहिद, मस्जिद उस्मानिया में मौलाना हारुन रशीद नक्शबंदी ने नमाज़ अदा करायी। ऐसे ही बनारस की तकरीबन पांच सौ मस्जिदों में अकीदत के साथ नमाज़े अलविदा अदा की गयी। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। 

अदा किया रब का शुक्रिया 

इस्लाम धर्म के लोगों ने इस दिन अल्लाह की इबादत के साथ इस बात का शुक्र अदा किया कि उन्हें माह-ए-रमजान में रोजा रखने, तरावीह पढ़ने और अल्लाह की इबादत करने का रब ने मौका दिया। अब पता नहीं अगली बार यह मौका मिलेगा या नहीं।  

जकात फिरता देने में करें जल्दी 

मस्जिदों अलविदा जुमे की नमाज के दौरान इमाम साहेबान ने रोजेदारों से अपील किया कि फितरा, ज़कात देने में जल्दी करें ताकि गरीबों की भी ईद हो जाए। मस्जिद उल्फत बीबी में तकरीर करते हुए मौलाना अजहरुल कादरी ने कहा कि जकात सही ढंग से हंसी खुशी निकालें। जितना आप खर्च करेंगे उससे ज्यादा रब आपको देगा।


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