मस्जिद अज़गैब शहीद व बुनकर उद्योग मंडल की इफ्तार दावत में उमड़ा हुजूम
Mohd Rizwan
dil india live (Varanasi). मस्जिदों से जैसे ही मगरिब की अज़ान की सदाएं फिज़ा में बुलंद हुई रोजेदारों ने माहे रमज़ान मुबारक का 20 वां रोज़ा मुकम्मल किया। इसी के साथ 20 रोजा यानी दो अशरा भी मुकम्मल हो गया। इससे पहले असर की नमाज के बाद मस्जिदों में इबादतगुजार एतेकाफ पर बैठने के लिए दाखिल हुए। 20 वां रोज़ा मुकम्मल होने के साथ ही मस्जिदों में एतेकाफ शुरू हो गया।
रोज़ा इफ्तार दावत में नूरानी नज़ारा
चिंतन और सामुदायिक भावना के माहौल में, आज शाम राजघाट के किला कोहना स्थित ऐतिहासिक मस्जिद आस्ताना अज़गैब शहीद में एक महत्वपूर्ण इफ्तार दावत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मस्जिद के अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद और सचिव अयाज़ अहमद की अगुवाई व प्रतिष्ठित मार्गदर्शन में किया गया। इस समारोह में स्थानीय निवासी और प्रमुख हस्तियां एक साथ जुटे, ताकि वे अपना रोज़ा खोल सकें और शांति व एकता के पैगाम को साझा कर सकें। इस मौके पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में बदरुद्दीन खान (अधिवक्ता) वरिष्ठ बसपा नेता मोहम्मद शाहिद खान, लतीफ़ अहमद शामिल थे। शाम की शुरुआत सूर्यास्त के समय पारंपरिक रूप से अज़ान की सदाओं, अल्लाह हो अकबर...की गूंज पर रोज़ा खोलने के साथ हुई। रोज़ा इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज़ अदा की गई। कार्यक्रम के दौरान, अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद ने सेवा और भाईचारे के महत्व पर ज़ोर दिया, जबकि सचिव अयाज़ अहमद ने अतिथियों का उनकी उपस्थिति और मस्जिद के सामुदायिक कार्यों में उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह इफ्तार समारोह राजघाट क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की एक जीवंत याद दिलाता रहा, जिसने सभी प्रतिभागियों के बीच एकजुटता की भावना को बढ़ावा दिया।
बुनकर उद्योग मण्डल की इफ्तार पार्टी
वाराणसी शहर में गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक और मिसाल और इस हिन्दुस्तान की आपसी भाईचारा की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से आज बुनकर उद्योग मण्डल द्वारा रमज़ान के पाक महीने में रोज़ा इफ्तार का एहतमाम किया गया जिसमें शहर के सभी धर्म के मानिंद लोग, सरदार-महतो, सभी राजनीतिक दल एवं सामाजिक संस्था के लोग शामिल हुए। जहाँ सभी उपस्थित लोगों ने अमन चैन व आपसी भाई चारा बना रहे, बाद नमाज़ अल्लाह रब्बुल आलमीन से बारगाहे रिसालत में हाथ उठा कर दुआ की।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें