रविवार, 29 मार्च 2026

ISSRA Varanasi के Hajj Camp 2026 का हुआ शानदार आगाज़

हज कैंप में बताया गया हज क्या है और कैसे पूरा करें अरकान 





dil india live (Varanasi). ISSRA वाराणसी के बैनर तले वाराणसी सहित पूर्वान्चल के विभिन्न जिलों के हज जायरीन के लिए "स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प, 2026" का बेहद शानदार आगाज़ इतवार को  हुआ। ISSRA के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने बताया कि हज, 2026 का मुकद्दस सफर चन्द दिनों में ही शुरू होने वाला है। इस खुशी के मौके पर इसरा (ISSRA) वाराणसी (यू०पी०) के जानिब से रखे गये पहले इतवार के "स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प, 2026" का प्रोग्राम मौलाना अब्दुल हादी साहब की सरपरस्ती में बखूबी सम्पन्न हुआ। आज के इस ट्रेनिंग कैम्प में हाफिज मुबारक साहब ने बताया कि हमें चाहिए कि हम वहां पर पाक-साफ होकर अच्छी तरह गुस्ल और वुजू करके हजबैतुल्लाह के लिए रवाना हों। इसलिए जरूरी है कि गुस्ल और वुजू का सही तरीका हमें जरूर आना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुक्ल में तीन फर्ज है- (1) कुल्ली करना, (2) नाक में पानी डालना, (३) सिर से लेकर पूरे बदन पर इस तरह पानी बहाना है कि बाल के नोक के बराबर बदन का कोई हिस्सा भिंगने से बाकी न रह जाय। वुजू के बारे में उन्होंने बताया कि वुजू में चार फर्ज है- (1) चेहरा घोना (2) सिर के बाल के जमने की जगह यानी माथे से लेकर ठुड्‌डी के नीचे तक और दायें कान की लौ से लेकर बायीं कान की लौ तक चेहरे पर पानी बहाना, (3) कोहनियों समेत दोनों हाथों को धोना। (4) चौथाई सर का मसा करना। (5) दोनों पैर टखने समेत धोना। 

इस मौके पर सदर काजी -ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद ने जायरीन को हज के अरकान बताए और हज जायरीनों को तलबियाह याद कराया। जब हज जायरीन कैम्प में लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक लब्बैक ला शरीक अ-लका-लब्बैक इन्नलहम्दा वन्नेमता लका वलमुल्क ला शरीक-अ-लक याद कर रहे थे और जब लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक की सदा कैम्प में गूंजी तो लोगों के दिल की कैफियत बदल गयी। उन्होंने बताया कि हज, नमाज, रोजा, जकात की तरह इस्लाम का एक अहम फरीजों और पांचवां रूक्न है। हज जिस्मानी व माली इबादत का मजमुआ है। उन्होंने कहा कि जब कोई मुसलमान हज का इरादा करे तो उस पर हज के मसाइल सीखना जरूरी है कि ताकि वह हज के अरकानों को सही तरीके से अदा कर सके और सफर की मेहनत व परेशानी, पैसा बेकार न जाय। 

ख़्वातीन की पर्दे में हुई अलग ट्रेनिंग 

हज्जिन औरतों की ट्रेनिंग में आई लेडीज ट्रेनर में हज्जिन सैयदा खानम, निकहत फातमा व समन खान वगैरह मौजूद थी। जिसमें लेडीज ट्रेनर सैयदा खानम ने कहा कि हज की तैयारी आप अभी से शुरू कर दे चूंकि औरतों की जिस्मान कूबत कमजोर होती है और हज एक जिस्मानी व जहनी तौर पर मुश्किल तलब अमल है। इसलिए औरतों को पहले से ही इसकी तैयारी कर लेनी चाहिए। औरतों का अपना सीला हुआ कपड़ा ही एहराम है और औरतें अपने माथे से लेकर सिर के बालों को अच्छी तरह ढक कर रखें एहराम की हालत में अजनबी मर्द के सामने बेपर्दा होना, तलबियाह जोर से पढ़ना, तवाफ इज्तिबा और रमल करना, सई में मिलैन अखिजरैन के दरम्यान दौड़ना, मर्द के हुजूम के वक्त हजे अस्वद को बोसा देना, यह सब उमूर (मना) है। हज्जिन अनम फातमा ने औरतों को हज की कुछ जरूरी दुआएँ याद करवायी तथा उन्होंने हज पर जाने के लिए कुछ जरूरी बातें बताई- 1. आप हज के दौरान पढ़ी जाने वाली दुआएँ व नियत जरूर याद कर लें। 2. रोजाना सुबह फज के बाद खूब पैदल चलने की आदत डालें ताकि वहाँ तवाफ व हज के दौरान आपको कोई तकलीफ न हो। 3. नमाजे जनाजा पढ़ने का तरीका जरूर सीख लें। 4. जमात के साथ नमाज पढ़ने का तरीका जरूर सीख लें और बीच नमाज में शामिल होने के बाद उसको पूरा करने का भी तरीका सीखें। 5. अपने शहर में उपलब्ध लिफ्ट एक्सिलेटर का इस्तेमाल करने का तरीका भी सीखें। 6. आप मोबाइल के इस्तेमाल करने का तरीका जरूर सीखें जिससे जरूरत पड़ ने पर आप अपने ग्रुप व हज कमेटी के लोगों से राब्ता कायम कर सकें जिससे आपको हज के दौरान कोई परेशानी न हो। 


इनकी रही खास मौजूदगी 

वाराणसी से मोहम्मद युनूस, शोहराब आलम, गुलाम रसूल, मोहम्मद युसूफ, मोहम्मद साजिद, हफीजुल्लाह, फिरोज अहमद, अब्दुल सलाम, मोहम्मद मुबारक गाजीपुर से मोहम्मद अमीन, खुर्शीद सिद्दीकी, मोहम्मद हनीफ चन्दौली से अब्दुल बारी, इमरान, फिरोज अहमद, वहीदुल्लाह, अब्दुल हफीज भदोही से मोहम्मद शेख शफीक, मोहम्मद निजामुद्दीन औरतों में खलीकुन्न निशा, आसमां बेगम, साजिदा बेगम, नूरजहां, आसिया खातून, निकहत सुलताना, अंजूम, रूबीना बानो, नसरीन तथा इसरा के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे। इस स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प की अगली कड़ी में दूसरे इतवार 05.04.2026 का प्रोग्राम इसी इसरा मुख्यालय अर्दली बाजार, वाराणसी में होगा।

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