शुक्रवार, 6 मार्च 2026

Taravih Mukammal: मस्जिद खुलफा-ए-राशिदीन में कुरान मुकम्मल

तरावीह मुकम्मल होते ही हाफ़िज़ साहेब की हुई गुलपोशी 





dil india live (Varanasi)। मस्जिद खुलफा-ए-राशिदीन नयी बस्ती गौरीगंज में तरावीह की नमाज़ जैसे ही मुकम्मल हुई हाफिज़ मोहम्मद आफरीदी (Hafiz Muhammad Afridi) हाफ़िज़ हसनैन मुदस्सिर (Hafiz hasnain Mudassir) का मौजूद तमाम लोगों ने गुलपोशी की। लोगों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। हाफिज हसनैन मुदस्सिर ने कहा कि अल्लाह के रसूल (स.) ने फरमाया कि इस माहे मुबारक में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और जहन्नम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। इस महीने में दस दस दिन के तीन अशरे होते हैं। पहला अशरा खत्म हो चुका है और दूसरा अशरा भी खत्म होने में 4 दिन बाकी हैं। यानी रमज़ान का आधा सफर मुकम्मल हो गया है। इस अशरे मगफिरत में रब रोज़ेदारों की दुआएं कुबुल करता है और उनके गुनाहों से तौबा करने पर रब उन्हें माफ कर देता हैं। हाफ़िज़ मोहम्मद आफरीदी ने कहा कि तरावीह में कुरान भले ही मुकम्मल हो गई मगर तरावीह पूरे रमज़ान अदा सभी को करना है।

इस मुकद्दस मौके पर अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन चैन की दुआ रब की बारगाह में करते हुए अपनी अपनी जायज तमन्नाओ की तलब रब से किया और देश दुनिया की खैर अल्लाह रब्बुल आलमीन से मांगी। तरावीह मुकम्मल होने के बाद नामाजियों ने एक दूसरे से मुसाफा करके उन्हें मुबारकबाद दी। सभी नमाजियो में बतौर तबर्रुक मिठाई तकसीम की गई।

इस मौके पर इम्तियाज खान, मोहम्मद नसीम, हाजी जहीन अंसारी, मोहम्मद खालिद, अमीन अंसारी, वसीम अंसारी, हाजी रशीद, वहीद, अमीर अहमद, मोहित खान, इमरान खान, सैयद रजा अली, नसीम अंसारी, नायाब इमाम हाफिज परवेज, आदिल खान, सलीम बाबू, परवेज अहमद, सैयद हामिद, मोहम्मद ताहा खान आदि सैकड़ों नमाज़ी मौजूद थे।


कोई टिप्पणी नहीं: