बुधवार, 18 मार्च 2026

VKM Varanasi Main एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता शिविर

मानव शरीर की आवश्यक जरूरतों और आयुर्वेद पर विस्तार से चर्चा

योग प्रतिदिन करने पर वेलनेस एक्सपर्ट ने दिया जोर



dil india live (Varanasi). "आधुनिक युग में स्वस्थ जीवनशैली का महत्व" विषय पर एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का सफल आयोजन वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया।कार्यक्रम का संचालन NSS इकाई 014A  की  कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रभा कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने में आयुर्वेद के महत्व को उजागर करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वक्ता स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रशिक्षक मनीष कुमार वर्मा, विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य एवं वेलनेस सलाहकार, वाराणसी अनिल कुमार गुप्ता, ऋषि शर्मा और कपिल देव यादव थे। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों के स्वागत में एनएसएस लक्ष्य गीत तथा एन एस एस ताली से हुई। उसके बाद कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने सम्मान के प्रतीक के रूप में अतिथियों को बनारसी दुपट्टे भेंट कर अभिनंदन किया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के सफलता पर खुशी जताई। 



मुख्य अतिथि वक्ता मनीष कुमार वर्मा ने एक्यूप्रेशर तकनीकों पर चर्चा करके अपनी बात शुरू की और स्वास्थ्य लाभ के लिए ताली बजाने की सही विधि का प्रदर्शन किया। उन्होंने दीर्घायु बढ़ाने में स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर जोर दिया और अतीत की बीमारियों की तुलना आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से की।

उन्होंने मानव शरीर की आवश्यक जरूरतों और आयुर्वेद पर विस्तार से चर्चा की और स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार विभिन्न कारकों, जिनमें पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थ भी शामिल हैं, पर बात की। उन्होंने स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए, जैसे कि सुबह की सकारात्मक आदतों को अपनाना, चाय और कॉफी का अत्यधिक सेवन करने से बचना और नियमित रूप से योग का अभ्यास करना। उन्होंने एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) के महत्व और इसे स्वाभाविक रूप से बेहतर बनाने के तरीकों के बारे में समझाया तथा इसमें आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका का भी जिक्र किया। इसके अलावा, उन्होंने बहुत सारे आयुर्वेदिक वेलनेस और हेल्थकेयर उत्पादों की भी चर्चा की जिनका उद्देश्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना और मधुमेह, जोड़ों की समस्याएँ, लिवर का स्वास्थ्य, हृदय की देखभाल, गुर्दे की पथरी, कैंसर की रोकथाम, थायरॉइड असंतुलन, एलर्जी, बवासीर, तंत्रिका संबंधी विकार, महिलाओं का स्वास्थ्य और आँखों की देखभाल जैसी समस्याओं का समाधान करना था। 


यह सत्र अत्यंत जानकारीपूर्ण था और इसने छात्रों को आयुर्वेद तथा प्राकृतिक उपायों के माध्यम से स्वस्थ जीवन बनाए रखने के संबंध में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की।

कार्यक्रम का समापन डॉ. शशि प्रभा कश्यप द्वारा दिए गए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने वक्ताओं के ज्ञानवर्धक और आँखें खोलने वाले सत्र के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में लगभग 150 छात्राएं और संकाय सदस्य उपस्थित थे, जिससे यह कार्यक्रम अत्यंत रोचक और सफल रहा।

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