बुधवार, 18 मार्च 2026

VKM Varanasi Main ‘कंसेप्चुअल फ्रेमवर्क्स इन जेंडर सेंसिटिव रिसर्च’ पर व्याख्यान

व्याख्यान में 1950 के बाद के विश्व विकास योजना और औरतों के महत्व पर चर्चा



dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय के महिला अध्ययन प्रकोष्ठ और युवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला के दूसरे दिन (18 मार्च 2026 दिन) बुधवार को 6 दिवसीय लिंग संवेदनशीलता अनुसंधान के लिए ‘कंसेप्चुअल फ्रेमवर्क्स इन जेंडर सेंसिटिव रिसर्च’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. स्वाति सुचारिता नंदा (एसोसिएट प्रोफेसर डीएवी पीजी कॉलेज, वाराणसी) थी। मुख्य अतिथि का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। 

औरतें पैदा नहीं होती, बनाई जाती हैं

मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में जेंडर फ्रेमवर्क पर बात करते हुए कहा कि ‘औरतें पैदा नहीं होती, बनाई जाती हैं।' उन्होंने एलिजाबेथ सी. स्टेंटन, साइमन डी बुवाई, नए सामाजिक आंदोलन, मिस अमेरिका पेजेंट 1968 के आंदोलन के बारे में बात की। उन्होंने 1950 के बाद के विश्व विकास योजना और औरतों के महत्व पर चर्चा की।  ईस्टर बोसरूप की विमेन आधारित रचना ‘ विमेंस रोल इन इकोनॉमिक डेवलपमेंट ’ की बात की जिसमें महिलाओं के विभिन्न क्षेत्रों में भूमिका की बात की गई है। ‘विमेन इन डेवलपमेंट’ की बात करते हुए उन्होंने ‘ टुवर्ड्स इक्वालिटी रिपोर्ट’ के विषय में बताया तथा ‘डेवलपमेंट ऑफ़ विमेन एंड चिल्ड्रेन इन रूरल एरियाज’ के अंतर्गत सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (SHG) के साथ ही अपने वक्तव्य में महिला सशक्तिकरण पर बल दिया तथा इसके लिए समय–समय पर किए गए  प्रयासों पर भी बात की। अंत में उन्होंने लिंग तटस्थता की बात करते हुए समझाया कि विमेन एंड डेवलपमेंट के बजाय जेंडर एंड डेवलपमेंट पर यदि ध्यान दिया जाए तो औरतों और पुरुषों के बीच वास्तविक समानता को हासिल किया जा सकता है। 


व्याख्यान के पश्चात छात्राओं ने अतिथि वक्ता से प्रश्न- उत्तर किया।दूसरे सत्र में प्रतिभागियों को लिंग संवेदनशीलता एवं महिला सशक्तिकरण पर आधारित सिनेमा दिखाया गया। जिससे जन जागरूकता फैले। कार्यशाला का संयोजन डॉ. अनुराधा बापुली के द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन डॉ. मालविका द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यशाला के आयोजन समिति के सदस्य जिनमें डॉ. सुप्रिया सिंह, डॉ. शशिकेश कुमार गोंड, डॉ. प्रियंका, डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

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