शिया जामा मस्जिद के इमाम ने कहा सोग का माहौल बनाए रखें
सच्चा हुसैनी वह है जो हक़ और इंसाफ की राह में कुर्बानी को तैयार रहे: हसन मेहंदी
Sarfaraz/Rizwan
dil india live (Varanasi). उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आज दोपहर सदर इमामबाड़े में होने वाला एहतेजाजी जलसे को परमिशन नहीं मिली जिसके चलते आयोजन रद्द कर दिया गया है। यह जानकारी शिया जामा मस्जिद दारानगर के इमामे जुमा बनारस मौलाना मोहम्मद जफररुल हुसैनी ने देते हुए कहा कि मुहल्ले की मस्जिदों, इमामबाड़ों में सोग का माहौल बनाए रहें। मजलिसों का एहतमाम करें। इस ऐलान का पर्चा भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसके चलते सदर इमामबाड़े पहुंचने की बजाय लोगों ने अपने अपने एरिया की मस्जिदों में मजलिस और दुआ ख्वानी की।
महानगर कांग्रेस कमेटी के महासचिव हसन मेहंदी कब्बन ने सोग बैठक में कहा कि सच्चा हुसैनी वह है जो हक़ और इंसाफ की राह में कुर्बानी देने को तैयार रहे। रहबर-ए- मोअज़्ज़म आयतुल्लाह खामेनई के शहादत पर गहरा दुख का इज़हार करते हुए हसन मेंहदी कब्बन ने कहा कि कर्बला ने दुनिया को यह सिखाया की हालात चाहे जैसे भी हो सच का साथ न छोड़े। अपने स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से समझौता न करे, दीन, इंसानियत की हिफाज़त के लिए खड़े हो। कर्बला का पैगाम कोई कहानी नहीं है, बल्कि हर दौर के लिए ज़िंदा सबक है। जब भी दुनिया में जुल्म बढ़ेगा, हुसैनी किरदार की ज़रूरत महसूस होगी।
कब्बन ने कहा कि आज के दौर में कुछ शख्सियत ऐसी है जिनकी जिंदगी में हमें वहीं जुर्रत और इस्तीकामत दिखाई देती है। रहबर मोअज़्ज़म आयतुल्लाह ख़ामेंनई को उनके मानने वाले इसी हुसैनी उसूलों पर क़ायम शख्सियत के रूप में देखते है।उनकी जिंदगी का पैगाम यह रहा कि दुश्मन के दबाव, पाबंदियों, साजिशों के बावजूद अपने मकसद और उसूलों से पीछे न हटों। कब्बन ने कहा कि आज ज़रूरत इस बात की है कि हम अपने अन्दर हुसैनी जज़्बा पैदा करे। हम मुसलमानों की खिदमत में अपनी गहरी सहानुभूति और दर्द का इज़हार करते हैं ।





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